-सर्किट हाउस उपकेंद्र ट्रांसमिशन में होगा तब्दील

-ट्रांसमिशन बन जाने से रुस्तमपुर, बक्शीपुर, टाउन हाल आदि कई उपकेंद्र को मिलेगी भरपूर बिजली

-शहर के कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या होगी दूर

GORAKHPUR: महानगर की बिजली व्यवस्था सुधारने की बिजली निगम ने कवायद शुरू कर दी हैं. पिछले दिनों निगम के आला अफसरों की मीटिंग हुई. इसमें बिजली से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने पर विचार किए गए. सर्किट हाउस उपकेंद्र को 220 केवीए ट्रांसमिशन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया. ट्रांसमिशन के लिए प्रपोजल तैयार किया जा रहा है. पावर कारपोरेशन से हरी झंडी मिलने के बाद शहर के आधे इलाके में बिजली भरपूर मिलने लगेगी. साथ ही उन्हें लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी.

शहर के कई इलाके जो काफी समय से लो वोल्टज और फाल्ट की समस्या से जूझ रहे हैं. इन शिकायतों को लेकर बिजली निगम गंभीर है. साथ ही पत्र लिखकर पावर कारपोरेशन के एमडी को भी अवगत कराया गया. कंज्यूमर्स की दिक्कतों को देखते हुए शहर के पादरी बाजार, रानीबाग और खोराबार उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया. इसके अलावा एक हफ्ते पहले बिजली निगम के अफसरों की ट्रांसमिशन डिपार्टमेंट में मीटिंग हुई. इसमें पावर बढ़ाने के अलावा कई पहलुओं पर चर्चा हुई. शहर में ज्यादातर बिजली सप्लाई मोहद्दीपुर से मिलती है. इस पर काफी लोड होने की वजह से आए दिन फाल्ट की समस्या बनी रहती है. इससे निजात दिलाने के लिए बिजली निगम के चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह और ट्रांसमिशन चीफ इंजीनियर के अलावा अन्य अफसरों ने सर्किट हाउस उपकेंद्र को ट्रांसमिशन बनाने की पहल की. हालांकि इस पर विचार कर लिया गया है. 220 केवीए का ट्रांसमिशन पर कितना खर्च आएगा. इसके लिए संबंधित इंजीनियर से प्रपोजल तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

वर्जन

शहर को निर्बाध बिजली सप्लाई देने और लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए निर्णय लिया गया है कि सर्किट हाउस उपकेंद्र को परिवर्तित कर वहां पर 220 केवीए ट्रांसमिशन का निर्माण कराया जाए. इस दिशा में बात चल रही है. हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा.

पीएन उपाध्याय, चीफ इंजीनियर ट्रांसमिशन