- धरा रह गया हाथियों को ट्रेंकुलाइज करने का वन विभाग का प्लान

- खेतों में पानी भरने से हाथियों को बेहोश कर वाहनों में लोड करने में आएगी दिक्कत

बरेली : नेपाल के जंगलों से भटक कर आए दोनों हाथी वन विभाग के लिए मुसीबत बने हुए. हाथियों को वापस खदेड़ने की विभाग की कोई भी योजना कारगर नहीं हो पा रही है. अब बारिश के चलते हाथियों को ट्रेंकुलाइज करके महोफ रेंज ले जाने का प्लान भी फेल हो गया है. खेतों में पानी भरा होने से वन विभाग के अफसरों ने फिलहाल हाथियों को ट्रेंकुलाइज करने का प्लान छोड़ दिया है. थर्सडे देर शाम तक दोनों हिंसक हाथी नरखेड़ा गौटिया के खेतों में देखे गए.

बारिश ने फेल किया प्लान

हाथियों में महोफ रेंज में हांका लगाकर दाखिल करने की पहले वन विभाग की योजना थी जब विभाग कड़ी मशक्कत के बाद भी इससें सफलता नहीं मिली तो हाथियों को ट्रेंकुलाइज कर महोफ रेंज तक पहुंचाने की योजना बनाई गई. हाथियों को ट्रेंकुलाइज करने के लिए एक्सपर्ट को भी बुलाया गया लेकिन बारिश ने वन विभाग की इस मंशा पर पानी फेर दिया. जिन खेतों में हाथियों ने डेरा डाला है उनमें बारिश के कारण पानी भर गया है. ऐसे में भारी वाहन जिसमें ट्रेंकुलाइज कर हाथियों को लादा जाएगा वह खेतों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे इसलिए हाथियों को अब ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाएगा.

फिर नरखेड़ा पहुंचे हाथी

वेडनसडे देर रात तक दोनों हाथियों की लोकेशन गांव दिनरा मिर्जापुर थी. लेकिन रात में ही करीब 5 से 6 किलोमीटर की दूरी तय करके नरखेड़ा गौटिया पंहुच गए हैं. थर्सडे को तड़के इन दोनों हाथियों को गांव स्थित छेदा लाल के खेत मे देखा गया. दोनों हाथी कभी गन्ने में तो कभी धान की फसल में आते जाते रहे.

मदद करने वाले होंगे सम्मानित

विभागीय अफसरों के मुताबिक जो भी ग्रामीण हाथियों को खदेड़ने में विभाग की मदद कर रहे हैं उनको विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा. वहीं हाथियों की वजह से जिन किसानों की खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं उनको मुआवजा दिलाया जाएगा.

वर्जन

बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है ऐसे में हाथियों को ट्रेंकुलाइज करने में दिक्कत आएगी, फिलहाल इस योजना को टाल दिया है कोशिश की जा रही है कि हांका लगाकर ही हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ा जाए.

भरत लाल, डीएफओ