- सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं में पिछड़ा मेरठ, आयोग ने लिया संज्ञान

-डीएम ने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट से मांगा स्पष्टीकरण

आई कन्सर्न

Meerut: मेरठ दक्षिण विधानसभा के आनंदी देवी शिशु विहार मतदान केंद्र के 5 पोलिंग बूथ में बिजली की व्यवस्था न होने पर पीठासीन ने मोमबत्ती की रोशनी में वोट डलवाए तो वहीं अव्यवस्था से 2 घंटे मतदान प्रक्रिया प्रभावित रही. एक-दो नहीं मेरठ में 11 फरवरी को इलेक्शन के दौरान दर्जनों केंद्रों से अव्यवस्थाओं की शिकायत मिली. मेरठ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग से किया वादा जिला प्रशासन ने नहीं निभाया.

उप चुनाव आयुक्त ने किया था ब्रीफ

2 जनवरी को उप चुनाव आयुक्त विजय देव की क्लास में अफसरों ने दावा किया था कि वे वोटिंग के दिन पोलिंग स्टेशन पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एस्सयोर्ड मिनिमम फैसिलिटी) मुहैया कराएंगे. आयोग के कड़े निर्देशों के बाद भी मेरठ प्रशासन बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाए. कैंडल लाइट में वोटिंग हुई तो दिव्यांग घिसटकर पोलिंग बूथ तक पहुंचे. डीएम बी. चंद्रकला ने उप चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में सभी 2451 केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया था.

सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं

1-हर पोलिंग केंद्र पर शौचालय की व्यवस्था होगी.

2-पोलिंग केंद्र पर पानी की अनिवार्य सुविधा होगी.

3-बिजली की व्यवस्था होगी.

4-टेलीफोन अथवा मोबाइल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी.

5-हर पोलिंग पर दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप होगी.

6-फर्नीचर और प्रतीक्षारत मतदाताओं के लिए टिन शेड.

एएमएफ एप भी

चुनाव आयोग ने सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं के संबंध में एक एप भी लांच किया है. इस एप में पोलिंग केंद्र और बूथ पर उपलब्ध एएमएफ का फोटो क्लिक करके अपलोड करना था. साथ ही जो व्यवस्थाएं रह गई हैं उन्हें मुकम्मल करने के लिए तिथि नियत कर आयोग को बतानी थी. मेरठ में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट पर एप को रन करने जिम्मेदारी थी. कमोवेश इस ओर अफसरों ने एक्सरसाइज नहीं की और मेरठ की सभी विधानसभाओं में पोलिंग सेंटर पर मतदातओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

अव्यवस्थाएं ही अव्यवस्थाएं

-शहर विधानसभा में बूथ संख्या 104 व 105 में बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं, 288 पर मतदाता के लिए व्यवस्था नहीं, 255 पर लेडीज कर्मचारी नहीं, 260 पर लाइट की व्यवस्था नहीं, बूथ नंबर 284 पर बस की व्यवस्था नहीं.

-कैंट विधानसभा सीट पर बूथ संख्या 379 पर व्यवस्था का अभाव. बूथ नंबर 45 पर नहीं पहुंचे बीएलओ

-सरधना बूथ संख्या 234 पर लाइट की व्यवस्था न होना.

-दक्षिण बूथ संख्या 22, 23, 20 व 21 पर कुर्सी मेज टूटी मिली. बूथ संख्या 443 व 144 पर लाइट की व्यवस्था नहीं. बूथ संख्या 337, 338, 337 व 340 पर यूपी पुलिस नहीं पहुंची.

-हस्तिनापुर में बूथ संख्या 14 पर बीएलओ ने पर्ची नहीं काटी.

सोर्स: कंट्रोल रूम में आई कॉल्स

नहीं मिली व्हील चेयर

दिव्यांगों के लिए खासकर आयोग की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए थे. हर पोलिंग सेंटर पर व्हील चेयर और रैंप की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश थे. आलम यह रहा कि मेरठ के 1181 मतदान केंद्रों में से महज 100 पर व्हील चेयर का बंदोबस्त किया गया था तो वहीं ज्यादातर केंद्रों पर रैंप नहीं है. बता दें कि मेरठ में 7119 दिव्यांग मतदाता हैं.

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सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट को एएफएम के कड़े आदेश दिए गए थे. कुछ केंद्रों से शिकायत मिली है. संबंधित केंद्र के अफसर से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा.

-बी. चंद्रकला, डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी