दोबारा आंसर-की जारी होने के बाद बढ़े कई स्टूडेंट्स के मा‌र्क्स

मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन

केस -1

चार हजार स्टूडेंट थे फेल

बीएससी फाइन इयर कोड 396 में पहली ओएमआर शीट कुंजी के मुताबिक कई जिलों के तकरीबन चार हजार स्टूडेंट्स फेल हो गए थे. हालांकि, आंसर की में 10 सवालों के जवाब ही गलत थे. छात्रों की आपत्ति के बाद दोबारा आंसर-की जारी हुई तो 80 प्रतिशत फेल स्टूडेंट्स के मा‌र्क्स बढ़ गए और वो पास हो गए.

केस-2

15 से 35 मा‌र्क्स तक बढ़े

एमएससी मैथ्स का रिजल्ट जारी हुआ, जिनमें दो आंसर-की ऐसी थी जिन पर स्टूडेंट की आपत्ति थी, जिससे यूनिवर्सिटी को उन्हें दोबारा जारी करना पड़ा. दोबारा आंसर-की जारी करने के बाद रिजल्ट में कई स्टूडेंट्स के 15 से 35 मा‌र्क्स तक बढ़े.

Meerut. सीसीएसयू में गलत आंसर की जारी होने के ये मात्र दो मामले नहीं है, बल्कि ऐसे कई मामले इस बार सामने आ रहे है, जिन्हे स्टूडेंट्स द्वारा आपत्ति दर्ज करने के बाद यूनिवर्सिटी को दोबारा आंसर-की जारी करनी पड़ रही है. इसके बाद रिजल्ट में सुधार हो रहा है. बीते दिनों से सीसीएसयू में कई कॉलेजों के छात्र लगातार रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव कर रहे है. इन बढ़ रहे मामलों से यूनिवर्सिटी की मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

40 मा‌र्क्स तक बढ़े

हालत यह है कि दोबारा आंसर की जारी होने से स्टूडेंट्स के 15 से लेकर 40 मा‌र्क्स तक बढ़ रहे हैं. यहीं नहीं कुछ तो ऐसे स्टूडेंट्स भी है जो अपने स्कूल टाइम में टॉपर रहे हैं और उनको भी गलत आंसर की के कारण फेल कर दिया गया था, लेकिन आपत्ति दर्ज करने के बाद जब दोबारा आंसर-की जारी हुई तो उनके 35 से 40 नम्बर तक बढ़े. यूनिवर्सिटी की ये गड़बड़ी हैरान करने वाली है.

उठ रहे सवाल

बीएससी फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने रजिस्ट्रार से परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच की मांग की थी. छात्रों के मुताबिक उन्हें 10 से लेकर 18 तक मा‌र्क्स दिए गए हैं, जबकि उनके मा‌र्क्स 35 से ऊपर आने चाहिए थे. यूनिवर्सिटी ने उनकी मांग को देखते हुए रिवाइज्ड आंसर की जारी की. जिसको देखने के बाद अब स्टूडेंट्स के मा‌र्क्स बढ़ गए हैं, उनको जितने मा‌र्क्स की उम्मीद थी उनको मिल गए है, जिससे स्टूडेंट्स बेहद खुश हैं. इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी ने आंसर की जारी करने के बाद शाम को ही रिजल्ट भी घोषित कर दिया है. वहीं शनिवार को ही एमएड का रिजल्ट जारी हुआ है जो संशोधित रिजल्ट है उसमें भी 40 मा‌र्क्स तक स्टूडेंट्स के 22 नम्बर कोड में बढ़ गए है.

हो सकता है कोई त्रुटि रह गई हो. कई बार सॉफ्टवेयर की खराबी के चलते गलतियां रह जाती हैं, लेकिन उनका सुधार कर दोबारा आंसर-की जारी की जाती है. ताकि स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ न हो.

प्रो. एनके तनेजा, वीसी, सीसीएसयू