-एक्स सीएम जीतन राम मांझी आगे की रणनीति की करेंगे घोषणा

-सोशल इंजीनियरिंग पर खास नजर, नई पार्टी की रणनीति पर चर्चा सबसे अहम

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PATNA: एक्स सीएम जीतन राम मांझी के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी गई कि उन्हें पद छोड़ना पड़ा. उन्होंने बहुमत साबित करने के बजाय सीएम पद से रिजाइन दे दिया, लेकिन वे बिहार में नई लड़ाई लड़ने जा रहे हैं. जाहिर तौर पर उनके निशाने पर सबसे ऊपर होंगे नीतीश कुमार. मांझी एसकेएम हॉल में ख्8 फरवरी को गरीब स्वाभिमान कार्यकर्ता सम्मेलन करने जा रहे हैं. पटना की मुख्य सड़कों को गरीब स्वाभिमान कार्यकर्ता सम्मेलन के पोस्टरों से पाटा गया है. कई बड़े-बड़े हाोर्डिग्स लगाए गए हैं. कई तोरण द्वार बनाए गए हैं.

पोस्टर पर किसकी तस्वीर?

पोस्टर पर एक्स सीएम जीतन राम मांझी की तस्वीर तो है ही, साथ ही उन नेताओं की तस्वीर भी है जिन्होंने इसे लगवाया है. जैसे कि एक होर्डिग पर साधु यादव और मांझी की तस्वीर है. लालू प्रसाद ने जीतन राम मांझी का साथ नहीं दिया, तो क्या हुआ मांझी ने लालू प्रसाद के साले साधु यादव को ही अपने साथ ले लिया. मांझी जब दही-चूड़ा खाने साधु यादव के घर गए थे, तो जेडीयू प्रवक्ताओं ने कई सवाल मांझी पर उठाए और नसीहत दी थी कि नीतीश कुमार की लकीर पर नहीं चल रहे मांझी. मांझी और साधु की दोस्ती जेडीयू को नहीं सुहायी, जबकि जेडीयू में अभी भी बाहुबलियों की लंबी लिस्ट है. साधु यादव को साथ लाने का बड़ा मकसद लालू प्रसाद की जाति का वोट बैंक बिगाड़ने की रणनीति भी है. इसी वोट बैंक पर नजर गड़ाते हुए नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद को गले लगाया है.

मांझी के कार्यो की सराहना

शहर में लगे कई पोस्टरों में एक्स सीएम जीतन राम मांझी द्वारा लिए गए कई फैसलों का प्रचार-प्रसार भी है. सैयद शारिम अल, प्रशासक बिहार स्टेट सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से टंगे एक पोस्टर में मांझी को वंचितों और उपेक्षित मुसलमानों की ओर से शुक्रिया अदा किया गया है. पोस्टर में कई फैसलों का जिक्र भी है.

सम्मेलन का मकसद

मांझी के करीबी बताते हैं कि इस सम्मेलन में जेडीयू व अन्य पार्टियों के वैसे कार्यकर्ताओं का जुटान होगा, जो स्वाभिमान के साथ किसी कीमत पर समझौता करना नहीं चाहते हैं. जीतन राम मांझी ने इस्तीफा देते वक्त कहा था शुरू के दो महीने वे नीतीश कुमार के कहने पर काम करते रहे, लेकिन जब स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करने की, उन्होंने ठानी और अपने विवेक से फैसले लेने शुरू किए तो उन्हें हटाने की कोशिशें तेज कर दी गई, इसलिए स्वाभिमान के सवाल पर ये कार्यकर्ता सम्मेलन है.

जेडीयू का सम्मेलन क् मार्च को है. बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं का सम्मेलन होगा. सांगठनिक ताकत का एहसास कराया जाएगा और बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति की चुनौतियों पर भी बात होगी. रही बात जीतन राम मांझी के सम्मेलन की, तो ये गरीब स्वाभिमान सम्मेलन कैसे हो गया. इन के नेताओं में तो कोई बीपीएल में है नहीं. ये लोग तो सत्ता से हटने के बाद चीत्कार सम्मेलन कर रहे हैं.

-नीरज कुमार, प्रवक्ता, जेडीयू

गरीब स्वाभिमान कार्यकर्ता सम्मेलन में खासतौर से जेडीयू के वैसे कार्यकर्ता शिरकत करेंगे जो स्वाभिमानी हैं और उपेक्षा के शिकार हुए हैं. शोषित, दलित जमात को लेकर कैसे आगे की रणनीति बनायी जाए ये तय होगी और जीतन राम मांझी आगे के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे.

-महाचंद्र प्रसाद सिंह, एक्स मिनिस्टर