क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सिटी के थानों में करोड़ों के वाहन सड़ रहे हैं और इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है. इससे गवर्नमेंट को भी रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है. भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को थानों में वषरें से पड़े वाहनों के सम्बन्ध में पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि शहर के विभिन्न थानों में जब्त दो पहिया एवं अन्य प्रकार के वाहन पड़े हैं जिनकी नीलामी के लि, तत्काल कदम उठाना चाहिए. वस्तुत: कानूनी अड़चनों के कारण शहर के विभिन्न थानों में पड़े वाहन कंडम हो रहे हैं. अफसोस की बात है कि वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई जा रही है. इसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. वाहनों के रखरखाव में परेशानी हो रही है.

बढ़ती जा रही संख्या

उन्होंने कहा कि रांची पुलिस बार-बार कहती है कि नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी परंतु इसे धरातल में नहीं लाया जाता. परिणाम यह है कि सभी थानों में जब्त व चोरी के वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है जिसके फलस्वरूप थानों में वाहन रखने की जगह ही नहीं बची है. परिणाम यह है कि थानों में रखे वाहनों को जंग खा रहा है. करोड़ों के वाहनों में सबसे अधिक संख्या दो पहिया वाहनों की है. कोतवाली, बरियातू, लालपुर, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, जगन्नाथपुर, धुर्वा, सुखदेव नगर थाने में हजारों की संख्या में वाहन जब्त कर रखे हुए हैं. सरकार को इसके कारण राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. वाहन ऑनर बीमा दावा ले लेते हैं और वाहन थाने में पड़े-पड़े सड़ जाते हैं. यदि ये वाहन सड़कों पर चलते तो उससे भी सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती.

चोरों पर लगाम कसे पुलिस

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक कोतवाली पुलिस ने चोरी के वाहनों को बरामद किया. इन वाहनों को कोतवाली के गेट तक रख दिया है जिसके कारण कोतवाली परिसर में जगह नहीं रह गयी है. पुलिस के साथ समस्या यह है कि वह इन वाहनों को कबाड़ में भी नहीं रख सकती क्योंकि ऊपर से आदेश हुआ है कि वाहन मालिक को ही सौंपा जाए. पुलिस प्रशासन को जब्त वाहनों की नीलामी के लिए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए. इसके साथ साथ वाहनों की चोरी के गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस को प्रयास करना चाहिए.