शहर के नामी बिजनेसमैन और बीजेपी नेता की दिनदहाड़े हत्या

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PATNA : बिहार में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. गुरुवार को दिनदहाड़े शहर के नामी बिजनेसमैन और बीजेपी लघु उद्योग के प्रदेश संयोजक गुंजन खेमका की हाजीपुर में उनकी फैक्ट्री के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई है. हत्या के बाद हमलावर आराम से भाग गए. हत्या के पीछे 14 कट्ठा जमीन का विवाद बताया जा रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि गुंजन ने सुरक्षा के लिए पिछले 6 महीने में 5 बार पुलिस अधिकारियों से मिलकर गार्ड की मांग की थी. लेकिन उन्हें सुरक्षा गार्ड नहीं दिया गया. जब इस लापरवाहीे के लिए अफसरों से बात की गई तो वे एक दूसरे के पाले में जिम्मेदारी की गेंद फेंकते रहे. इस घटना के बाद पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है.


मुख्यमंत्री ने मांगी डीजीपी से रिपोर्ट

बीआईए के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर भेंट की. मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि हत्यारे शीघ्र पकड़े जाएंगे और उसे इस कृत्य की सख्त सजा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा जल्द ही अपराधी को गिरफ्तार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि डीजीपी से उन्होंने पूरे मामले में अपडेट लिया है. उन्होंने का हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों को जल्द से जल्द चिन्हित किया जाए. अपराधियों का मनोबल टूटना चाहिए.

 

..तो शायद बच जाती जान

वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे. 6 महीने पहले गुंजन और उनकी पत्‌नी के पास धमकी भरी कॉल आ रही थी. पहले तो गुंजन ने उसे अपने स्तर पर समाधान करना चाहा लेकिन जब लगातर फोन आने लगे तो मैं और गुंजन गांधी मैदान थाना में इसकी शिकायत की. लगातार 6 महीने से कॉल आना बंद नहीं हुआ. इसके बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से मिलकर सुरक्षा गार्ड की मांग की थी लेकिन गार्ड नहीं मिला. अगर पुलिस ने समय पर उन्हें गार्ड उपल?ध करा दिया होता तो शायद आज मेरा दोस्त जिंदा होता. पुलिस की लापरवाही के कारण मेरा दोस्त मारा गया.

(दोस्त राहुल शर्मा ने जैसा दैनिक जागरण आई नेक्स्ट को बताया)

 

..तुम्हे जान से मार देंगे

निवेदन पूर्वक कहना है कि मेरा नाम गुंजन खेमका है. दिनांक 23 जून 2018 की अर्धरात्रि समय 12.30 बजे मेरे मोबाइल नंबर पर फोन आया. गुंजन खेमका बोल रहे हो. तुम्हारा अपहरण कर लेंगे और जान से मार देंगे. 23 जून की शाम 8.13 बजे फिर उसी नंबर से कॉल आया और उठा लेने की धमकी देने लगा. मैंने दोनों नंबरों को ?लॉक कर दिया. इसके बाद 4 जुलाई को फिर फोन आया. मैं बार-बार उससे पूछ रहा था कि तुम कौन बोल रहे हो लेकिन उसने अपना नाम नहीं बताया. अत: श्रीमान आपसे निवेदन है कि इन नंबरों के खिलाफ कार्रवाई करें.

(गुंजन ने जुलाई 2018 में गांधी मैदान थाने में शिकायत की थी.)

 

दो अधिकारी, दो बयान

गुंजन कई बार मेरे पास सुरक्षा के लिए आए थे. इस संबंध में तत्काल मैंने गांधी मैदान एसएचओ को फोन भी किया था. इसके बाद गुंजन द्वारा सुरक्षा की मांग की गई थी. इस संबंध में हमने पत्र संख्या 9321 दिनांक 20 जुलाई को मैंने आईजी सुरक्षा और एसएसपी को सुरक्षा दिलाने के लिए पत्र लिख दिया था.

आलोक राज, एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर पटना

 

हमारे पास कोई पत्र नहीं आया. पत्र आता है तो उसकी जांच होती है. हमारे पास आता तो हम दे देते. हमें पॉवर सिर्फ एक महीने का ही होता है. स्पेसिफिक जांच परसेप्सन वाला आया होगा तो उसकी जांच हो रही है. जहां तक धमकी देने की बात है वो हम लोगों ने ट्रैक कर लिया था. गुजरात का एक साइको धमकी दे रहा था.

मनु महाराज, एसएसपी पटना