मिर्जापुर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में प्रसिद्ध विंध्याचल मंदिर आखिरकार कोरोना संकट के बीच 100 दिनों बाद खुल गया।

तीर्थयात्रियों को सोमवार से प्रतिबंधित प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। रविवार शाम को मंदिर खोलने से पहले एक विस्तृत अनुष्ठान किया गया। सोमवार से भक्त मंदिर के अंदर आकर दर्शन कर सकते हैं। 8 जून को अनलाॅक 1 के बाद देशभर में जहां ज्यादातर सभी मंदिरों को फिर से खोल दिया गया था। तब विंध्याचल मंदिर बंद रखा गया था, मगर अब इसके पट खोल दिए गए।

20 मार्च से बंद था मंदिर

पवित्र नदी गंगा के किनारे मिर्जापुर से लगभग 8 किमी दूर स्थित विंध्याचल मंदिर देवी विंध्यवासिनी (यशोदा-नंदा की बेटी) को समर्पित है। और पीठासीन देवता के सबसे प्रतिष्ठित 'सिद्धपीठ' में से एक है। विंध्याचल समाज (VPS) ने 20 मार्च को महामारी को देखते हुए विंध्याचल मंदिर और त्रिभुज के अन्य मंदिरों को बंद करने का फैसला किया था, जिसमें कालीखोह और अष्टभुजा भी शामिल हैं। वीपीएस ने 8 जून को मंदिरों को फिर से नहीं खोला क्योंकि एक पुजारी कोरोना पाॅजिटिव निकला था।

भक्तों के लिए जरूरी निर्देश

वीपीएस के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने कहा: "हमने भीड़ नियंत्रण के लिए सभी योजनाओं, सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं के अनुसार मंदिर को फिर से खोलने का फैसला किया। सरकार से चर्चा की गई और उसे लागू किया गया। चयनित राज पुरोहितों द्वारा एक 'अखंड कीर्तन' (सामूहिक धार्मिक पाठ) का आयोजन रविवार दोपहर को 'राजश्री आरती' के साथ किया गया।" उन्होंने कहा कि भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए खींचे हुए घेरे में खड़ा होना होगा। मास्क पहनकर और हाथों को सैनेटाइज करने के बाद ही मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से प्रार्थना करेंगे और बिना कुछ छुए मंदिर से बाहर निकलेंगे।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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