JAMSHEDPUR: आदिवासी युवतियों ने रैंप पर कैटवॉक किया. रैंप पर जलवे बिखरने वाली सभी संताल समाज की युवतियां थीं. इन्हें फैशन की दुनिया में पिछड़ा माना जाता है, लेकिन रैंप पर जनजाति युवतियों ने अपनी अदाओं से साबित कर दिया कि वे फैशन के मामले में किसी से भी कम नहीं है. इन्हें अपने हुनर को साबित करने का मौका दिया ऑल इंडिया संताली फिल्म एसोसिएशन ने. अवसर था मिस इंडिया आदिवासी प्रतियोगिता का. 10वां संताली व क्षेत्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चर सेंटर में आयोजित मिस इंडिया आदिवासी के जमशेदपुर रीजन के पहले दौर में कुल 14 प्रतिभागी शामिल हुईं.

देखते बन रहा था उत्साह

दिनभर हुई बारिश में भी प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. अलग-अलग राउंड के बाद यहां से कुल 10 प्रतिभागियों का चयन मेगा सेमिफाइनल के लिए किया गया. इसके पूर्व कोलकाता से सात और जामताड़ा से तीन मॉडल्स सेमिफाइनल के लिए चुनी गई हैं. शुक्रवार को ट्राइबल कल्चर सेंटर में मेगा सेमीफाइनल होगा. कुल 20 चयनित मॉडल्स में फाइनल के लिए 15 का चयन किया जाएगा. 14 सितंबर को जी टाउन मैदान में होने वाले फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में मिस इंडिया आदिवासी का फाइनल होगा, जहां टॉप पांच मॉडल्स का चयन किया जाएगा. चुने जाने वाले मिस इंडिया आदिवासी को चांदी का ताज दिया जाता है. गुरुवार को हुए प्रतियोगिता के पहले राउंड में निर्णायक के रूप में विनय पूर्ति, सुशीला हांसदा और गौरी मांडी उपस्थित थे. प्रतियोगिता में वर्तमान मिस इंडिया आदिवासी सावित्री टुडू भी शामिल हुई.