आगरा (ब्यूरो)। मूलरूप से मंसुखपुरा निवासी रामप्रताप सिंह तोमर 18 वर्ष से परिवार के साथ सदर के महादेव नगर में रहते हैं. स्कूल वैन चालक रामप्रताप अपने बेटों अमित और अजय के साथ रहते हैं. अमित का एक वर्ष से मानसिक रोग का इलाज भी चल रहा है. वह तंत्र-मंत्र में लगा रहता था. उसके दो बेटे रिषी (6) और अभि (3) थे. अपने बड़े बेटे रिषी को रावण मानने वाला अमित उसे पूरे परिवार के विनाश का कारण बताता था.

जिद करके साथ ले गया
परिजन इसीलिए दोनों बच्चों को उससे दूर रखते थे. रिषी का एडमीशन इसी वर्ष घर के पीछे स्थित स्कूल में कराया था. शनिवार सुबह भी सात बजे दादी सुमन रिषी को स्कूल ले जा रही थीं. जिद करके अमित बेटे को स्कूल छोड़ने ले गया. भरोसा न होने के चलते सुमन भी उसके पीछे गई. रास्ते में सांड़ों की लड़ाई के चलते पीछे रह गई और अमित बच्चे समेत नजरों से ओझिल हो गया.

रुपये के लालच पर बोला सच
सीधे स्कूल पहुंची सुमन को पता चला कि रिषी स्कूल नहीं आया है. घर जाकर परिजनों को बताने पर सभी तलाश में जुट गए. पुलिस को भी सूचना दे दी गई. करीब 45 मिनट बाद अमित पड़ोसी धर्मवीर के घर मिला. परिजन उसे घर ले आए. मारपीट के बाद भी उसने कुछ नहीं बताया. दोस्त संतोष द्वारा रुपये देने के लालच पर उसने बच्चे को मार देने की बात कबूल ली.

लहूलुहान हालत में मिला
अमित के बताने पर परिजन कहरई मोड़ स्थित निर्माणाधीन दुकान के बेसमेंट में पहुंचे. वहां बच्चा लहूलुहान हालत में पड़ा मिला. तलाश में जुटे सीओ सदर विकास जायसवाल भी सुबह 9.35 बजे वहां पहुंच गए. बच्चे को गोद में उठा गाड़ी से एसएन इमरजेंसी लेकर पहुंचे, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल ली. उसकी निशानदेही पर धर्मवीर के घर में कूड़े से रुमाल और नाली से हत्या में प्रयुक्त कैंची भी बरामद कर ली. सीओ सदर ने बताया कि दादा की तहरीर पर मृत बच्चे के पिता के खिलाफ ताजगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

रोज दादी छोड़ने जाती थीं
रिषी पुष्प अनुज पब्लिक स्कूल में क्लास तीन का छात्र था. रोजाना दादी सुमन उसे स्कूल छोड़ने जाती थीं. साथ में पड़ोस में रहने वाला बच्चा भी उसके साथ जाता था. शनिवार को रिषी का पिता जबरन उसे करीब 7.20 बजे स्कूल छोड़ने ले गया. वह उसे स्कूल नहीं ले जाकर, घर से 500 मीटर की दूरी पर बनी निर्माणाधीन बिल्डिंग में ले गया. घटना को अंजाम दिया.

गला, हाथों की नस काटी
रिषी के शरीर पर धारदार हथियार से प्रहार के निशान थे. गले, हाथों की नस, पेट पर प्रहार किया गया था. घटना के बाद उसने रास्ते में एक नल पर हाथ साफ किए.

पड़ोसी से मांगी थी बाइक
अमित ने बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए पड़ोसी युवक से बाइक मांगी थी. लेकिन उसने देने से इंकार कर दिया. आशंका व्यक्त की जा रही है कि अमित उसे भीड़भाड़ इलाके से दूर ले जाना चाहता था.

छोटे भाई पर कर चुका है हमला
मृतक के परिवार के सदस्य सुभाष ने बताया कि अमित ताजगंज में रहने वाले किसी तंत्र साधना करने मौलवी के संपर्क में था. वह अक्सर बलि देने की बात करता था. दो महीने पूर्व छोटे भाई अजय पर अमित ने चाकू से जानलेवा हमला किया था.

बच्चे की हत्या के मामले में उसके पिता पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, इस संबंध में बच्चे के दादा ने तहरीर दी है. आरोपित को हिरासत में लिया गया है.

प्रशांत वर्मा, एसपी सिंटी

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