24 घंटे एसएसपी के कैंप कार्यालय से मॉनीटर हो रहा है सोशल मीडिया का कंटेंट

04 कर्मचारियों की स्पेशल टीम बनायी गयी मॉनिटरिंग के लिए

03 थानों में 24 घंटे के भीतर दर्ज कराये गये मुकदमे

05 मुकदमे दर्ज किये 24 घंटे के भीतर थानों में

04 लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में, किया चालान

एंटी सोशल मैसेज सोशल मीडिया पर लाइक और शेयर करना पड़ रहा भारी

mukesh.chaturvedi@inext.co.in

PRAYAGRAJ: सोशल मीडिया पर कोई भी एंटी सोशल कमेंट पोस्ट करना, उसे लाइक करना अथवा उसे शेयर करना. सब कुछ गुनाह है. अयोध्या में राम जन्म भूमि को लेकर जल्द ही फैसला आने की संभावना के साथ लखनऊ में पिछले दिनों हुर्ह हिन्दूवादी नेता की हत्या को लेकर हो रही पोस्ट्स को पुलिस ने सीरियसली मॉनीटर करना शुरू कर दिया है. इस मामले में मुकदमा पुलिस खुद वादी बनकर लिखने लगी है और गिरफ्तारी भी धड़ाधड़ हो रही है. 24 घंटे के भीतर जिले में पांच मुकदमे लिखा जाना और चार लोगों की गिरफ्तारी बता रही है कि शासन के निर्देश पर पुलिस किस हद तक सेंसिटिव हो चुकी है. यह बैड हैबिट आपकी छवि को दागदार बना सकती है.

मुचलके पर छोटे गए आरोपित

लखनऊ में हुई हिन्दुवादी नेता कमलेश की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर तमाम तरह के कंटेंट और वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं. इनमें से ज्यादातर भावनाएं भड़काने वाली हैं. ऐसे ही एक पोस्ट पर कमेंट करना जिम संचालक मनीष प्रकाश सिंह को महंगा पड़ गया. उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. रिपोर्ट पूरामुफ्ती के हटवा निवासी मो. दानिश की तहरीर पर दर्ज हुई. इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने पोस्ट की पड़ताल की. थोड़ी देर बार उसी पोस्ट पर सत्येंद्र उर्फ सत्या ने मो. दानिश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया. चूंकि सत्या ने भी विवादास्पद पोस्ट कर रखी थी तो उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हो गयी. सोशल मीडिया पर भड़काने वाली पोस्ट मिलने पर कर्नलगंज थाने में शाहिद अंसारी के खिलाफ इंस्पेक्टर ने खुद मुकदमा दर्ज करा दिया. चारों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया. पूछताछ के बाद सभी को थाने से मुचलके पर छोड़ दिया गया. उधर, हाईकोर्ट के अधिवक्ता सैय्यद आबिद अली नकबी निवासी हवेलिया झूंसी ने आशुतोष अग्रहरि के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है.

आदत है कुछ भी लिख देना

पूछताछ में चारों ने बताया कि उनका मकसद उन्माद फैलाना नहीं था

अक्सर वह सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट पर अपने कमेंट लिख देते हैं

सोशल मीडिया के कंटेंट को लाइक और शेयर करना उनकी हैबिट है

चारों ने शनिवार को भी दूसरे कि पोस्ट पर कमेंट कर दिया

कमेंट पर दोनों तरफ से सवाल जवाब किए गए. जैसा कि इनकी आदत है

पुलिस के मुताबिक इन चारों की छवि इस मुकदमे से पहले बेदाग थी

सोशल मीडिया पर होने वाली ऐसी पोस्ट जो सोसाइटी के लिए नुकसानदायक हो की पुलिस मॉनिटरिंग कर रही है. इन पोस्ट्स को लाइक या शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी. अब तक पांच लोगों पर मुकदमा कायम किया गया है.

सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज,

एसएसपी प्रयागराज

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सोचिएगा जरूर

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'आजादी' का यूज या मिसयूज

सूचनाओं के आदान-प्रदान में सोशल मीडिया के इनवाल्व होने से नई क्रांति आ चुकी है. ह्वाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर ऐसे प्लेटफॉर्म बन चुके हैं जहां आपको अपनी बात रखने की आजादी है. सोशल मीडिया की पोस्ट को शेयर और लाइक करने की आजादी है. पिक्चर्स शेयर-लाइक करने की आजादी है. इसका इंपैक्ट यह है कि हमारा इंगेजमेंट सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर बढ़ा है. पॉजिटिव फीचर यह है कि सोशल मीडिया नॉलेज हब बन गया है. तैयारी करने वाले या किसी स्पेशिफिक इंफॉर्मेशन को प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया बेस्ट और ईजी टूल के रूप में सामने आया है. निगेटिव फीचर यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर तमाम ऐसा कंटेंट उपलब्ध है जो सोसाइटी की सेहत के लिए ठीक नहीं है. बिना सोचे समझे शेयर किये जाने वाले कमेंट्स से किसी व्यक्ति या समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं. शायद यही कारण है कि पुलिस इस स्तर पर सख्त हुई है कि मुकदमा दर्ज करके चालान किया जाय. यहां विचारणीय विषय यह है कि क्या हमें सोशल मीडिया के कंटेंट को सिर्फ इसलिए शेयर या लाइक करना चाहिये कि वह हमारी विचारधारा से मैच करता है. किसी की भावनाएं आहत हो रही हैं, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. सोचना तो यह भी पड़ेगा कि हम उस ऐरा में क्यों जा रहे हैं जहां हर बात मनमाने के लिए प्रशासन को 'प्रेशर' का सहारा लेना पड़ रहा है.

Posted By: Inextlive