क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: 80 में 30 फूड स्टॉलों का खाना मिलावटी पाया गया है. यह चौंकाने वाला खुलासा दुर्गा पूजा मेला के दौरान सिटी में लगे सैकड़ों फूड स्टॉलों के सैंपल की ऑन स्पॉट जांच में हुआ है. इतना ही नहीं, कुछ फूड सैंपल की जांच नामकुम स्थित लैब में होनी बाकी है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद यह भयावह आंकड़ा और बढ़ सकता है. दरअसल, हर साल की भांति इस साल भी मेला में मिलावट करने वालों का कारोबार चोखा रहा. वहीं सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनका मिलावट वाला खाना खाकर हाजमा बिगड़ गया. अब वे डॉक्टर के पास दौड़ लगा रहे हैं. इन मिलावटखोरों का असली चेहरा तब सामने आया जब स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा विंग ने फूड सैंपल की जांच की. वहीं चाईनीज आइटमों में भी मिलावट पाई गई है. ऐसे लोगों को फिलहाल मौखिक चेतावनी दी गई है.

रातू, हरमू रोड से लिए गए थे सैंपल

दुर्गा पूजा के दौरान 05 से 08 अक्टूबर के बीच रातू रोड, हरमू और कांके के 80 से ज्यादा फूड स्टॉलों से सैंपल इकट्ठे किए गए थे. इसके अलावा ओरमांझी और सिकिदरी के ढाबो से भी खाने के सैंपल लिए गए है. इनकी जांच नामकुम परीक्षण लैब में की जा रही है. पूजा के दौरान कई पूजा पंडालों में भी फूड स्टॉल लगाए गए थे, जहां शुद्ध खाना परोसा जा रहा था.

रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसएस कुल्लू ने बताया कि मिलावट करने वालों को मौखिक चेतावनी दी गई है. वहीं सभी सैंपलों की जांच नामकुम स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में कराई जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार मिलावट की शिकायत कम मिली है. लगातार जांच हो रही है. दुकानदारों और स्टाफ को हिदायत दी गई है कि वे शुद्ध खाना ही ग्राहकों को परोसें. खाना पकाते समय सभी मानकों का पालन किया जाये. दुकानदारों को दंडित करना कोई लक्ष्य नहीं है उन्हें जागरूक करके ही इस समस्या को दूर किया जा सकता है.

दीपावली में रहें सतर्क

कुछ दिनों बाद दीपावली का त्योहार है. इसमें आपको सतर्क रहने की जरूरत है. दीपावली के अवसर पर मिठाइयों की काफी डिमांड रहती है. ऐसे में मिलावट करने वालों को मौका मिल जाता है. पर्व- त्योहारों के समय ही मिलावटखोर ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं. दीपावली में पनीर, खोआ समेत दूध के अन्य प्रोडक्ट एवं मैदा, घी में जबरदस्त मिलावट की जाती है, जो सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होता है. कुछ पैसे के लालच में ये मिलावटखोर आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं.