गावड़ी में तीन बार कूड़े से बिजली और सीएनजी बनाने की योजना नहीं चढ़ सकी परवान

फिर तैयार की गई गावड़ी और लोहियानगर में कूड़े से बिजली बनाने की योजना

Meerut. शहर को कूड़े के ढेर से निजात दिलाने के लिए एक बार फिर नगर निगम प्रशासन ने कूडे़ से बिजली बनाने पर काम शुरू कर दिया है. शहर में कूड़ा कलेक्शन के इंतजाम कूड़ेदान न होने की वजह से चरमराए हुए हैं और जगह-जगह शहर में कूड़ा बिखरा हुआ है. जिसे नियमित रूप से उठाया भी नहीं जा रहा है. ऐसे में सवाल यह है कि कूड़े से बिजली बनाने की योजना कैसे कामयाब हो पाएगी.

पहले भी हो चुकी है कवायद

2012 में गावड़ी में कंपोस्िटग यूनिट लगाई जानी थी, जो योजना परवान नहीं चढ़ सकी.

2016 में गावड़ी में कंपोस्ट यूनिट लगाने की योजना बनी जो टेंडर तक पहुंची लेकिन शोलापुर और नागपुर की कंपनियों से रेट्स पर बात नहीं बनी.

2017 में गांवड़ी में कंपोस्िटग यूनिट के साथ कूड़े से बिजली और सीएनजी बनाने की योजना पर कंपनियों के रेट्स निगम के मनमाफिक न होने के चलते 2018 में योजना ठंडे बस्ते में चली गई.

अब चौथी बार मुख्यालय स्तर यानी नगर विकास विभाग के स्तर से से गांवड़ी और लोहियानगर में कूड़े से बिजली के प्लांट की योजना तैयार की गई है.

ये है योजना

दरअसल, नगर विकास विभाग द्वारा प्रदेश के छह शहरों को कूडे़ से बिजली बनाने वाले प्लांट लगाने के लिए चुना गया है, जिनमें मेरठ भी शामिल है. इसके लिए मेरठ नगर निगम को बस जमीन देनी है. प्लांट खुद नगर विकास विभाग द्वारा लगवाया जाएगा. इसके लिए निगम की पहली पसंद लोहियानगर और गावड़ी बना हुआ है. इतना ही नहीं प्लानिंग के मुताबिक दोनों जगहों को लगभग फाइनल कर दिया गया है और अगले माह तक प्लांट का काम शुरू भी हो जाएगा.

गाजियाबाद में शुरू

इस योजना के पहले चरण में वेस्ट यूपी के गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में कूडे़ से बिजली बनाने के प्लांट पर काम शुरू हो चुका है. दूसरे चरण में मेरठ को जगह फाइनल करके देना है. इस जगह पर प्लांट लगाने का काम नीदरलैंड की कंपनी और दिल्ली की जीसीआईएनडी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है.

सरकार के साथ बदली डीपीआर

शहर से प्रतिदिन लगभग 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकल रहा है. शहर में जहां भी देखो उधर ही कूड़े के ढेर हैं. मंगतपुरम, लोहियानगर, गावड़ी आदि स्थानों पर कूड़े के पहाड़ बन गए हैं. कूड़ा निस्तारण न होने के कारण नगर निगम प्रशासन को एनजीटी कोर्ट से कई बार फटकार लग चुकी है. हालांकि नगर निगम प्रशासन पिछले दो साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की तैयारी में जुटा है. इस क्रम में पहले भी शोलापुर की एक कंपनी से अनुबंध हो गया था, लेकिन सरकार बदलते ही डीपीआर भी बदलनी शुरू हो गई.

गावड़ी में दो प्लांट

200-200 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के दो प्लांट गावड़ी में लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है. पहले भी गावड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए भूमि पूजन हो चुका है. जिसमें सांसद, विधायक, कमिश्नर, डीएम, महापौर रहे थे. गावड़ी के ग्रामीणों ने भी भूमि पूजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. साथ ही प्लांट में पूर्ण सहयोग का भी आश्वासन दिया था.

विभाग को भी देंगे बिजली

400 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण प्लांट से दो मेगावाट बिजली बनाई जाएगी, जिससे 900 किलोवाट बिजली विभाग को दी जाएगी. वहीं बाकी बिजली कूड़ा निस्तारण प्लांट पर खर्च होगी.

गावड़ी और लोहियानगर में प्लांट फाइनल हो चुका है. इसके लिए 20 से 25 दिन के बाद प्लांट का काम शुरू हो जाएगा.

डॉ. गजेंद्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

भावनपुर में नाले किनारे अस्थाई कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है. यह रास्ता किला रोड को गढ़ रोड से जोड़ने का मुख्य मार्ग है. इससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं लेकिन यहां सड़क के दोनों किनारे पर कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है.

रवि वर्मा

हाईडिल कालोनी वीआईपी कालोनी होने के बाद भी साफ नहीं है. यहां मेन रोड पर पिछले माह से लगातार कूड़ा पड़ा हुआ है लेकिन यह कूड़ा उठाया नहीं जा रहा है.

शशांक

हापुड रोड पर बिजलीघर के बाहर अस्थाई कूडे़दान बना हुआ है. मेन रोड पर यह कूडे़दान अपने आप बन गया और निगम द्वारा इसको साफ भी नहीं किया जा रहा है. इसलिए अब आसपास का सारा कूड़ा यहीं डाला जाता है.

मनीष जैन

Posted By: Inextlive