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JAMSHEDPUR: आदित्यपुर निवासी महिला अधिवक्ता रीना सिन्हा ने अपने चार अधिवक्ता सहयोगियों के खिलाफ रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाते हुए आदित्यपुर थाना में मामला दर्ज कराया है. इसको लेकर बताया जाता है कि जमशेदपुर सिविल कोर्ट में कार्यरत महिला अधिवक्ता रीना सिन्हा चार अधिवक्ता शैलेश कुमार आदित्यपुर जानकी अर्पाटमेंट निवासी हरिओमनगर, मनीष गुप्ता मार्ग संख्या 19 आदित्यपुर कालोनी, राजेश शर्मा उर्फ मुन्ना गोविंदपुर निवासी जमशेदपुर, राकेश कुमार उर्फ बाबू दा कोलकाता निवासी कर्मचारी पीडब्ल्यूआई डिपार्टमेंट कोलकाता पश्चिम बंगाल के रहनेवाले हैं.

एसपी से की शिकायत
मंगलवार को एसपी चंदन सिन्हा को आदित्यपुर थाने में पीडि़ता रीना सिन्हा ने बताया कि विगत 3 वर्ष से अपने सीनियर अधिवक्ता के पास वकालत का शिक्षण प्राप्त कर रही है. जहां उनकी मुलाकात मनीष कुमार गुप्ता ओर राजेश शर्मा से हुई. इसके बाद अन्य सहयोगी शैलेंश कुमार व राकेश कुमार से भी हुआ. इन लोगों द्वारा रेलवे में गु्रप सी की श्रेणी में नौकरी दिलाने के नाम पर बीते एक वर्ष में 12 लाख रुपए ठग लिए. इसके तहत एक बार 5 लाख और इसके बाद बाकी राशि ली गई. पीडि़ता ने बताया कि उनके साथियों ने न सिर्फ उनसे रुपए ठगे, बल्कि नौकरी लगने के नाम पर मेडिकल करवाया और ट्रेनिंग के लिए बंगाल भेज दिया. वहीं महिला के अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ. इसके बाद वह आदित्यपुर लौट आई और चारों आरोपितों से रुपए की मांग करने लगी. पीडि़ता का आरोप है कि रुपए मांगने पर चारों ने उनको जान से मारने और इकलौते बेटे को अगवा करने की धमकी देने लगे.

ट्रेनिंग के दौरान खुली पोल
आरोपियों ने महिला अधिवक्ता को प्रशिक्षण के लिए धनबाद के खरखरी हाल्ट में भेजा, जबकि उसका प्रशिक्षण रेलवे द्वारा स्कूल या अपने सेंटर में कराया जाता है. इसके बाद शक गहरा गया. पीडि़त महिला अधिवक्ता के पिता प्रेमनाथ सिन्हा रेलवे से सेवानिृवत है महिला अपने एक बच्चे के साथ वहीं रहती है.