- वीसी पर भ्रष्टाचार के आरोप की चिट्टी वायरल

- विधायक ने चिट्ठी लिखकर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

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LUCKNOW :

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के वीसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भाजपा के विधायक ने लगाए हैं. सीतापुर के महोली विधायक शशांक त्रिवेदी की ओर से लिखी गई चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है. इस चिट्ठी में एकेटीयू वीसी विनय पाठक पर 200 करोड़ के भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में अनियमितताओं के आरोप हैं. इस पूरे मामले में फर्रुखाबाद सदर के विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की ओर से भी शिकायती पत्र लिखा गया है. हालांकि अब दोनों विधायक मीडिया से बात करने से बच रहे हैं. जब इनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो इनके फोन नहीं लगे.

यह है पूरा मामला

भाजपा की चिट्ठी में कहा गया है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स के पद पर डिग्री धारकों की तैनाती गलत तरीके से की गई है. विनियमितीकरण में शासनादेश को भी नहीं माना गया है. वीसी ने नियमों को ताक पर रख कर एके सिंह को डिप्टी रजिस्ट्रार बनवाया है. इसके अलावा आरोप है कि कार्यदाई संस्थाओं के अफसरों से मिलकर विनय पाठक कमीशनबाजी कर रहे हैं.

विधायक से नहीं हो पा रहा संपर्क

इस पूरे मामले पर सीतापुर के महोली के विधायक शशांक त्रिवेदी का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया तो उनका फोन नहीं लगा. इसके बाद उनके प्रतिनिधि सौरभ मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे प्रदेश से बाहर हैं. जो वाट्सएप पर वायरल हो रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. पहली बार देखने पर लग रहा है कि उनके लेटर पैड का गलत इस्तेमाल हो रहा है. वहीं फर्रुखाबाद सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने कहा कि छात्र अक्सर अपनी समस्याएं लेकर आते हैं जिसका निपटारा करने के लिए वे हर संभव प्रयास करते हैं. हो सकता है उन्होंने कभी वीसी के खिलाफ पत्र लिखा हो लेकिन फिलहाल उन्हें कुछ ध्यान नहीं.

वीसी का दावा विधायक ने नहीं लिखा पत्र

इस पूरे मामले पर जब एकेटीयू वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विधायक से बात की. वह छह दिन से करेल में हैं. तीन दिन और वहीं रहेंगे. उन्होंने इस तरह का कोई पत्र नहीं लिखा है. रही बात शिकायत की तो मेरे ऑफिस में पीके मिश्रा थे जिनका विनियमितीकरण क्लर्क पद पर किया गया था. उन्होंने जेई के पद पर प्रमोशन की मांग की थी. जो नहीं किया जा सकता था, यह मामला शासन को भेज दिया है. वीसी ने बताया कि उनके ऊपर कई आरोप थे, जिनमें बेनामी संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है. जिस पर उनका तबादला नोएडा कर दिया गया. इस शिकायत के पीछे उनका हाथ हो सकता है क्योंकि विधायक से उनके पारिवारिक संबंध हैं.