- किसी को मिला गृह जनपद तो किसी को 3 ऑप्शन वाले जिले में भी नहीं मिली तैनाती

- 3 जिलों का ऑप्शन तो मांगा लेकिन नहीं दी तैनाती

- अब डॉक्टर लगा रहे धांधली का आरोप

sunil.yadav@Inext.co.in

LUCKNOW: प्रदेश सरकार ने हाल ही में क्क्8क् डॉक्टर्स की पोस्टिंग की है. लेकिन, डॉक्टर अब इस पोस्टिंग में भी धांधली का आरोप लगा रहे हैं. डॉक्टर्स का आरोप है कि पोस्टिंग से पहले तीन जिलों के ऑप्शन मांगे गए थे लेकिन उनमें किसी भी जिले में उन्हें तैनाती नहीं दी गई. वहीं, कई ऐसे हैं जिन्हें गृह जनपद में ही तैनाती दे दी गई. स्वास्थ्य मंत्री और शासन में इससे रिलेटेड बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंच रही हैं.

मनमाने ढंग से कर दी पोस्टिंग

पिछले साल हेल्थ मिनिस्टर अहमद हसन को डॉक्टर्स की ट्रांसफर पोस्टिंग से सम्बंधित शिकायतें मिली थीं. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर्स को गृह जनपद के अलावा तीन जिलों का ऑप्शन मांग कर नई तैनाती देने के आदेश दिए थे ताकि डॉक्टर्स को अपने जिले से आस-पास मिलने से वह ठीक से चिंतामुक्त होकर काम कर सकें. लेकिन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशासन के अधिकारियों ने इसमें भी मनमानी शुरू कर दी. पिछले माह क्क्8क् डॉक्टर्स की पोस्टिंग में उन्होंने डॉक्टर्स से तीन ऑप्शन तो मांगे लेकिन बड़ी संख्या में डॉक्टर्स को उनकी पसंद के तीन में से किसी भी जिले में पोस्टिंग नहीं दी. अब डॉक्टर परेशान हैं और शासन के अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं.

गृह जनपद में ही मिल गई तैनाती

चयन क्रमांक 89 पर डॉ. फरहाना शक्स पुत्री मुमताज अहमद का नाम दर्ज है. इनका गृह जनपद वाराणसी है और इन्हें पोस्टिंग भी वाराणसी में ही दी गई है. जबकि नियमों के मुताबिक गृह जनपद में किसी को तैनाती नहीं दी जा सकती.

बिना ऑप्शन ही दे दी तैनाती

पब्लिक सर्विस कमीशन ने जब रिजल्ट दिया तो बड़ी संख्या मेंकैंडीडेटऐसे थे जिनका रिजल्ट डॉक्यूमेंट कम्पलीट न होने के कारण रोक दिया गया था. इंटरव्यू में इनके नाम के इसकी इंफार्मेशन भी दी गई थी, जिसमें रिजल्ट की जगह पीआरओबी लिखा था. शासन के अधिकारियों ने इन कैंडीडेट्स को तीन जिलों का ऑप्शन न भरने को कहा था. इस कारण फ्00 से ज्यादा कैंडीडेट्स ने ऑप्शन नहीं भरे. फिर भी उन्हें उनके आस-पास के जिलों में तैनाती दे दी गई.

हेल्थ मिनिस्टर ने लगाई रोक

कई जिले ऐसे भी थे जहां पर सीटे न के बराबर दिखाई गई थी. फिर भी बड़ी संख्या में उन जिलों में डॉक्टर्स को तैनाती दे दी गई. सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर्स ने इसकी शिकायत हेल्थ मिनिस्टर अहमद असन से की तो उन्होंने दो जिलों में फिलहाल ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी है.

मंत्रीजी का नहीं उठा फोन

इस मुद्दे पर बात करने के लिए आई नेक्स्ट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन को फोन मिलाया. लेकिन कई बार कॉल करने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा. यही नहीं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री ने भी फोन रिसीव नहीं किया. जिसके कारण उनका भी पक्ष हम नहीं जा सके.

डॉक्टर्स से ऑप्शन मांग कर ही पोस्टिंग दी गई है. ऑप्शन वाले जिलों में सीट्स खाली न होने के कारण कुछ डॉक्टर्स को उनके गृह जनपद के नजदीक अन्य जिले में तैनाती दी गई. अब इसमें किसी प्रकार का चेंजेज सम्भव नहीं है. सभी को पोस्टिंग वाले जिलों में ही ज्वाइन करना होगा.

अरविंद कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य.

ब्भ्0 की और होगी तैनाती

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को ब्भ्0 मेडिकल ऑफिसर्स को पोस्टिंग करेगा. इसके अलावा फ्भ्0 डॉक्टर और पेंडिंग में हैं. जिन्हें जल्द ही तैनाती दी जाएगी. उन्होंने बताया कि कुल ख्00क् डॉक्टर हैं जिन्हें तैनाती देनी है. जिनमें क्क्8क् हो चुके हैं. शेष को जल्द ही ज्वाइन कराया जाएगा. जिससे पीएमएस में लगभग क्ख्000 डॉक्टर हो जाएंगे. उन्होंने बताया कि पब्लिक सर्विस कमीशन में ख्भ्00 डॉक्टर्स का चयन प्रासेस चल रहा है. जिनकी चयन प्रक्रिया पूरा होते ही इन्हें भी तैनात किया जाएगा. इस प्रकार से अगले कुछ महीनों में पीएमएस में लगभग ब्भ्00 डॉक्टर्स की तैनाती दी जाएगी ताकि अस्पतालों में डॉक्टर की कमी न हो और पब्लिक को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें.