डीजल दाम के साथ ट्रांसपोर्‌र्ट्स ने बढ़ाई माल ढुलाई की दरें, पांच प्रतिशत हुई किराए में वृद्धि

Meerut. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाने के बाद, मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सोमवार से माल भाड़े में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसके चलते, रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं, जिससे लोगों को तेल की कीमतों की मार के बाद दूसरी मार भी झेलनी पड़ेगी.

क्या है तर्क

मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों को डीजल की बढ़ोतरी से नुकसान हो रहा है, इस कारण सोमवार से मालभाडे़ में पांच प्रतिशत का इजाफा किया जा रहा है. गौरव का कहना है कि ऑल इंडिया मोटर कमेटी ने शासन के पास अपनी तीन प्रमुख मांगों को रखा है. इसमें डीजल के दाम को जीएसटी में शामिल करने की मांग प्रमुख है. लेकिन फिलहाल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी है.

20 को अगला फैसला

गौरव शर्मा के अनुसार, 20 जुलाई को ऑल इंडिया मोटर कमेटी की बैठक होगी. इसमें पांच प्रतिशत वृद्धि को स्थायी रूप से लागू करने या और बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है.

मेरठ से 15 टन के ट्रक का भाड़ा

दिल्ली

पुराना - 9000

नया - 10000

कानपुर, लखनऊ

पुराना - 40000

नया - 42000

आगरा और बरेली

पुराना - 15000

नया - 15500

हिमाचल, पंजाब, हरियाणा

पुराना - 50 से 60000

नया - 55 से 65000

आप पर और क्या असर

बड़े ट्रकों में आमतौर पर रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें सप्लाई होती हैं.

इनमें फल, सब्जी, दालें, दूध आदि शामिल हैं, भाड़ा बढ़ने से ये महंगी होंगी.

ब्रैंडेड और लग्जरी आइटम्स जैसे कपडे़, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट्स, ऑटो पा‌र्ट्स, स्पो‌र्ट्स गुड्स के दामों पर भी पड़ सकता है असर.