-पिछले साल लिए गए सैपल्स में 55 की अभी तक नहीं आई रिपोर्ट

-इस साल हफ्ते भर में रिपोर्ट मंगाकर कार्रवाई का दावा

बरेली: अगर आप दिवाली में बाहर से मिठाइयां, नमकीन, खोवा और दूसरा कोई फूड आइटम मंगाने की तैयारी कर रहे हैं तो अलर्ट हो जाइए. क्योंकि शहर में मिलावट का खेल जोर-शोर से चल रहा है. लेकिन इन मिलावटखोरों को रोकने और कार्रवाई की जिम्मेदारी जिस एफएसडीए को दी गई है, वो अभी तक पिछले साल की रिपोर्ट ही नहीं मंगा पाए हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि एफएसडीए ने पिछले साल छापेमारी कर 55 दुकानों से 111 फूड आइटम के सैंपल लिए थे, लेकिन रिपोर्ट न आने से अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इसका मतलब यह दुकानें इस साल भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने को तैयार हैं.

कागजों में ही हो रही कार्रवाई

फेस्टिव सीजन के मद्देनजर पिछले तीन महीने में एफएसडीए ने डिस्ट्रिक्ट में अभियान चलाकर 80 दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे. अधिकारियों का कहना है कि इनमें 50 फूड के सैंपल फेल पाए गए थे जिनको कार्रवाई के लिए कोर्ट भेज दिया है. जबकि 30 की रिपोर्ट अभी मिली नहीं है. रिपोर्ट आते ही उन पर कार्रवाई की जाएगी. लेकिन सोचने वाली बात है कि जब पिछले साल के फूड सैंपल पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इस साल कार्रवाई की बात से समझ से परे है.

रिपोर्ट आने तक हो जाएगी दिवाली

हाल ही में शहर में मिलावट का खेल उजागर करने के लिए चार खुफिया टीमों को गठन किया गया है, जो कि गुपचुप तरीकों से शहर के छापेमारी कर सैंपल ले रही हैं. अफसरों के मुताबिक दो दिन पहले शुरु हुई कार्रवाई में अब तक 20 दुकानों पर छापेमारी कर सैंपल लिया गया है. सैंपल भी जांच के लिए भेज दिए हैं, लेकिन इसकी रिपोर्ट दीवाली के बाद ही आने की संभावना है.

सैंपल भेजकर काम पूरा

पिछले दो माह में विभाग को शहर से 12 शिकायतें मिलावटी सामान बिक्री की मिली थी, जिसका संज्ञान लिया गया तो दुकानों पर छापेमारी की गई थी. सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया, लेकिन उसके बाद कार्रवाई क्या हुई ये किसी को नहीं पता.

कई केस अभी तक पेंडिंग

एफएसडीए का दावा है कि जांच रिपोर्ट 16 दिन में आ जाती है. पिछले चार महीने में अगर एक दो सैंपल को छोड़ दिया जाए तो विभाग ने कभी यह नहीं बताया कि किस सैंपल की रिपोर्ट पास हुई या फेल. खास बात यह है कि जिन फूड के सैंपल फेल हो जाने पर कोर्ट भेजा जाता है वहां से फैसला आने में छह-छह साल लग जाते हैं. कई मामले ऐसे हैं जो साल 2013-2014 में दायर किए गए थे, लेकिन उन पर फैसला अब तक नहीं हो पाया है.

वर्जन

शहर में खुफिया टीम का अभियान जारी है. सैंपल की रिपोर्ट एक सप्ताह में देने को पत्र भेजा गया है. उम्मीद है दिवाली से एक सप्ताह पहले ही रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

धर्मराज मिश्र, मुख्य अभिहित अधिकारी.