- डीएम ने बनाई जांच कमेटी, मजिस्ट्रेट की तैनाती

- पूछताछ के नाम पर पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप

GORAKHPUR: जेल में सख्ती से बिफरे बंदियों ने शुक्रवार की सुबह जमकर बवाल काटा. जेल खुलते ही डिप्टी जेलर और बंदी रक्षकों पर हमला कर दिया. जेल में बवाल की सूचना पर पगली घंटी बजानी पड़ी. बंदियों का उत्पात शांत कराने के लिए डीएम और एसएसपी को घंटों कैंप करना पड़ा. कड़ी मशक्कत के बाद बंदी काबू हुए. ड्रोन कैमरों से बंदियों की हरकतों पर नजर रखी गई. जेल में हुए बवाल की जांच के लिए डीएम ने कमेटी गठित कर दी है. जेल की गतिविधियां नामित मजिस्ट्रेट की निगरानी में रहेंगी. वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदियों ने हंगामा किया था. उनको समझाबुझाकर शांत कराया गया. जेल में नियमित मुलाकात और रिहाई कराई गई.

आरोप लगा बोला हमला, बढ़ता गया बवाल

रोज की तरह शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे डिप्टी जेलर प्रभाकांत पांडेय अन्य चार-पांच बंदी रक्षकों संग बैरक खुलवाने पहुंचे. इस बीच बैरक नंबर क्0 में रहने वाले बंदियों के गुट ने डिप्टी जेलर और बंदी रक्षकों पर हमला बोल दिया. बंदियों का आरोप था कि पूछताछ के बहाने जेल में आकर पुलिस प्रताडि़त करती है. हमलावर बंदियों का गुस्सा देखकर डिप्टी जेलर और अन्य बंदी रक्षक बाहर निकल गए. सूचना पाकर जेलर प्रेम सागर शुक्ला पहुंचे. उनके साथ भी बंदियों ने हाथापाई की. मामला बढ़ने पर जेल प्रशासन ने डीएम, एसएसपी को सूचना दी.

जेल पहुंचे अफसर, बंदियों को कराया शांत

बंदियों से बात करने के लिए सुबह करीब आठ बजे डीएम और एसएसपी ने एडीएम सिटी, एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा. करीब ढाई घंटे के बाद बाहर आए अफसरों ने बताया कि बंदी शांत हो गए हैं. जेल में पतली दाल मिलने की वजह से वह ज्यादा नाराज थे. एडीएम सिटी ने कहा कि जेल के किसी अधिकारी पर कोई हमला नहीं हुआ. इस बीच डीएम और एसएसपी भी हालात का जायजा लेने पहुंचे. करीब क्क् बजे वह वहां से लौटे तो फिर से बवाल शुरू हो गया. आधे रास्ते से लौटकर अधिकारियों ने बंदियों से बात करते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया. दोपहर ढाई बजे माहौल शांत होने पर कड़ी सुरक्षा के बीच बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकात कराई गई.

ड्रोन कैमरों से बवाल की निगरानी

बंदियों के बवाल के बाद जेल प्रशासन ने जेल की बिजली काट दी. ड्रोन की मदद से बंदियों के गतिविधियों की नजर रखी जा रही थी. तीन राउंड की बातचीत के बाद बंदियों के शांत होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली. लेकिन अहतियात के लिए फोर्स तैनात रखी गई. इस दौरान सामने आया कि आक्रोशित बंदियों ने जेल में कूड़ा जला दिया था. सीसीटीवी कैमरा, किचन और साउंड सिस्टम को तोड़फोड़ किया. बवाल की सूचना पर आनन-फानन में लखनऊ गए वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी भी गोरखपुर पहुंचे. उन्होंने बताया कि कुछ बंदियों ने हंगामा किया था. शुक्रवार को भी नियमित तरीके से मुलाकात और रिहाई कराई गई.

वर्जन

बंदियों ने कई समस्याएं बताई हैं. जिसमें खराब भोजन और पुलिस का जेल में आकर पीटने का मामला मुख्य है. आरोप की जांच के लिए एडीएम सिटी के नेतत्ृव में टीम गठित की गई है. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

- के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी