-चालीस से अधिक गंगा घाटों का टूटा संपर्क, गंगा आरती का भी बदला स्थान

-सामान समेटने लगे घाट किनारे के दुकानदार, दो दिनों में और तेजी से जलस्तर बढ़ने की संभावना

पड़ाही सहित मैदानी इलाकों में हो रही बारिश का असर है कि गंगा में प्रवाह पूरे वेग के साथ हो रहा है. यही कारण है कि बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव तेजी से शुरू हो गया है. फिलहाल गंगा का जलस्तर 64.92 रहा. प्रति घंटा गंगा में सात सेंटीमीटर का बढ़ाव है. उफनाती हुई गंगा की लहरें अब गंगा घाटों को अपने में समाने लगी हैं. करीब 40 से अधिक घाटों का आपस में सम्पर्क टूट चुका है. रविवार की देर रात तक संख्या और बढ़ सकती है. क्योंकि अब गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा. पानी का लेवल देख सहमें घाट किनारे के दुकान या ठिकाना बनाए लोग स्थान बदलने लगे हैं. दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती का स्थान तक बदल गया है. रविवार को अस्सी से हरिश्चंद्र घाट तक का संपर्क टूटा तो उधर शीतला घाट से राजघाट के बीच कहीं-कहीं घाटों का आपसी तालमेल पानी में डूब गया है.

नाव संचालन पर रोक

बारिश और बढ़ता जलस्तर देख जिला प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन पर रोक लगा दी है. रविवार को गंगा में एक भी नाव नहीं चली. नाविकों ने भी अपनी नावों को सुरक्षित ठिकाना देने का इंतजाम करने लगे हैं.

बांस, बल्ली भी टूटा

दशाश्वमेघ घाट पर कांवरियों के लिए बांधे गए बांस, बल्ली भी गंगा की वेग से टूट गए. हालांकि नगर निगम की ओर से देर शाम तक बांस बल्ली को बांधने का काम जारी रहा.

पश्चिमी एरिया में जबरदस्त बारिश होने का असर है कि गंगा में जलस्तर बढ़ने लगा है. क्योंकि ढलान पर होने के चलते पूरब में पानी जल्दी पहुंचता है, यदि बनारस में बारिश होगी तो फिर बलिया, गाजीपुर में बाढ़ के हालात होंगे.

प्रो. बीडी त्रिपाठी, पर्यावरणविद् बीएचयू