JAMSHEDPUR: लौहनगरी के लोगों का गैरजिम्मेदाराना रवैया शहर की खूबसूरती को बिगाड़ कर रहा है. कूड़े को डस्टबिन में नहीं डालकर इधर-उधर फेंकने से शहर में गंदगी का अंबार लग गया है. जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी), मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर पालिका के इंतजाम भी इस गंदगी को समेटने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं. शहर में नियमित कूड़ा उठाव नहीं होने से घर का कूड़ा सड़क किनारे, गलियों, खाली प्लाटों और तालाबों में फेंका जा रहा है. एक आंकड़े के मुताबिक शहर के 70 फीसदी लोग अपने घरों-दुकानों में डस्टबिन नहीं रखते हैं. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट और रेडियो सिटी 91.1 साथ मिलकर 'बिन में फेंक' अभियान चले रहे हैं. इसके चलते शुक्रवार को लोगों की कूड़ा फेंकने की आदतों को देखा गया. इसमें पाया गया कि लोग घर पर सफाई का तो ध्यान रखते है लेकिन बाहर जहां-तहां कूड़ा फेंक देते हैं. इससे शहर में लगे बकेट खाली पड़े हैं, लेकिन चौराहों और सड़क पर गंदगी का अंबार लगा है.

दुकानदारों के पास नहीं डस्टबिन

शहर में हजारों की संख्या में बनी स्थाई और अस्थाई दुकानदार डस्टबिन नहीं रखते हैं. इससे लोग दुकानों में खाने या सामान लेने के बाद कूड़ा सड़क पर ही फेंक देते हैं. जेएनएसी और मानगो नगर निगम के अधिकारियों ने दुकानदारों को डस्टबिन दिये थे, लेकिन जिसके बाद भी दुकानदार डस्टबिन नहीं रख रहे हैं. इससे सड़क में गंदगी के साथ ही जल जमाव भी होता है. दुकानदार अपनी दुकान से निकलने वाले कूड़े को बिन में नहीं डालकर सड़क पर ही फेंक देते हैं. कई बार दुकानदार इसे सड़क के किनारे रख देते हैं, ताकि सफाईकर्मी उठाकर ले जाएं, लेकिन नियमित कूड़े का उठाव नहीं होने से कचरा लंबे समय तक पड़ा रहता है और पूरी सड़क में फैल जाता है.

पार्क बने कूड़े का घर

शहर में लोगों की कूड़ा फेंकने की आदत के चलते खाली पड़े प्लाट कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुके हैं. वहीं, लोग तालाबों में कूड़ा डालकर उसके पानी को दूषित कर रहे हैं. कई क्षेत्र में नियमित कूड़ा नहीं उठने और मंथली लगने वाले यूजर चार्ज से बचने के लिए लोग कूड़ा बिन में न डालकर खाली प्लाट या तालाब में फेंक देते हैं. जहां पर पूरे दिन गंदे जानवर और गाय का जमघट लगा रहता है. इससे धीरे-धीरे पार्क की खूबसूरती गायब होती जा रही है. बच्चों के खेलने और मॉनिंग वाकरों के लिए बनाये गये पार्क कूड़े का अड्डा बन चुके हैं.

क्या कहते हैं सेलीब्रेटी

सबसे पहले तो इस अभियान के लिए दैनिक जागरण आईनेक्स्ट और रेडियो सिटी का धन्यवाद, जिन्होंने ऐसी मुहिम को शुरू किया. कंपनी एरिया को छोड़ दें, तो शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं कही जा सकती है. जेएनएसी क्षेत्र में कूड़ा उठाव नियमित नहीं होने से लोगों को मजबूरी में कूड़ा इधर-उधर फेंकना पड़ता है. डोर-टू-डोर कलेक्शन बेहतर है, लेकिन जब यह नियमित हो जाये. शहर के लोगों से अपील है कि सरकार की योजनाओं में उनका सहयोग करें, ऐसा करने से हमारा शहर साफ और स्वच्छ रह सकेगा.

अरुणा मिश्रा, इंटरनेशनल बाक्सर

साफ-सफाई के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए बकेट, होडिंग, नुक्कड़ नाटक, स्क्रीन चलाकर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के माध्यम से शहर को साफ रखने की मुहिम चलाई जा रही है. शहर को साफ रखने का पहला उत्तरदायित्व शहर के लोगों का ही है, इसलिए किसी भी चीज को प्रयोग करके कूड़ा इधर-उधर न फेंकें, उसे डस्टबिन में ही डाले. इस अभियान के लिए दैनिक जागरण आईनेस्ट और रेडियो सिटी का धन्यवाद.

अनूप बिरथरे, एसएसपी, जमशेदपुर

शहर को साफ रखने के लिए सरकारी विभागों के साथ ही शहर के कई एनजीओ मिलकर काम कर रहे हैं. आम नागरिकों के सहयोग के बिना यह अभियान कभी सफल नहीं हो सकता है. अभियान के लिए दैनिक जागरण आईनेस्ट और रेडियो सिटी को बधाई देना चाहता हूं. शहर के लोगों से अपील है कि कूड़े को उचित जगह पर ही फेंकें. घर पर गीला और सूखा कचरे के लिए दो बाल्टी रखें और सुबह डोर-टू-डोर कलेक्शन करने वाले सहयोगियों को दें. कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों को देश के जिम्मेदार नागरिक की भांति समय से यूजर चार्ज दं, जिससे किसी परिवार को रोजी रोटी चल सके.

रविशंकर शुक्ला, डीसी, जमशेदपुर

गंदगी से हमारे चारों तरफ बीमारियां फैलती है, इसलिए जहां पर भी आप बैठते हैं, पार्क, लेक आदि पर कूड़ा नहीं फेंके. घर के कूड़े को एक जगह जमा कर लें और फिर जहां पर बिन हो वहां फेंक दें. अभियान शुरू करने के लिए दैनिक जागरण आई नेस्ट और रेडियो सिटी को धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने ऐसी ऐसी मुहिम की शुरुआत की. लोगों से अपील है कि कार में चलने वाले लोग एक ढक्कन बंद डस्टबिन रखें, जिससे कूड़ा इधर-उधर न फेंककर बिन में डालें और बाद में इसे बड़े डस्टबिन में डाल दें. याद रखे कि आप बदलेंगे तो शहर भी बदलेगा.

पूर्णिमा महतो, इंटनेशनल आर्चरी कोच एंड द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता

सबसे पहले इस अभियान के लिए दैनिक जागरण आईनेस्ट और रेडियो सिटी का धन्यवाद, जिन्होंने ऐसी मुहिम की शुरुआत की. शहर को साफ-स्वच्छ रखना हर आम आदमी की जिम्मेदारी है. अगर हर काम के लिए हम नगर निगम या सरकार को दोषी मानेंगे, तो हमारा समाज जंगल बन जाएगा. स्टील सिटी के लोगों से मेरी अपील है कि वह अपने घर को ही अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखें. अपने बच्चों को प्रेरित करें कि वह भी डस्टबिन में ही कूड़ा डाले.

प्रेमलता अग्रवाल, इंटरनेशनल पर्वतारोही व पद्मश्री पुरस्कार विजेता