छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: स्टील सिटी में डस्टबिन हटाये जाने से पूरा शहर में गंदगी फैली हुई है. शहर को साफ दिखाने और घर-घर कचरा उठाव फेल होने से लोग पार्क, खाली जगह पर कूड़ा डाल रहे हैं. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी 91.1 साथ मिलकर ''बिन में फेंक'' अभियान चले रहे है. जिसके चलते शनिवार को शहर में साफ-सफाई की स्थित देखी गई और लोगों से बात की गई तो लोगों अपने इलाके में डस्टबिन न होने से कूड़ा का अंबार लगे होने की जानकारी दी.

1. रोशनगर में पार्क को बना डाला कूड़ा घर

शहर के बाराद्वारी नया कोर्ट के निकट रोशन नगर शेल्टर होम से सटा पार्क स्थानीय लोगों के कूड़े की भेंट चढ़ गया है. आस-पास डस्टबिन न होने से लोग घरों का कूड़ा पार्क में ही फेंक रहे हैं, जिससे यह धीरे-धीरे गंदगी का अंबार लग रहा है. स्थानीय लोगों से बातचीत पर मालूम हुआ कि नियमित उठाव और डस्टबिन नहीं रखा होने के कारण लोग पार्क में ही कूड़ा फेक देते हैं. लोगों ने कहा कि यहां कूड़ा दान की जरूरत है, लेकिन जेएनएसी अधिकारी बात सुनते ही नहीं हैं.

कुछ महीनों तक कूड़े का उठाव हुआ तब स्थित अच्छी थी. फिलहाल कचरा कलेक्शन नहीं होने और डस्टबिन नहीं होने से लोग सुबह-सुबह पार्क में ही कूड़ा डाल देते हैं. कहने पर लोग लड़ाई करते हैं. जेएनएसी अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ, सड़क साफ है, लेकिन गलियों में कूड़ा लगा हुआ है. यहां पर एक बिन होना चाहिये.

मिट्ठू जयसवाल, रोशन नगर, साकची

2. बागबेड़ा न नियमित उठाव और न ही डस्टबिन

शहर से सटे पंचायती क्षेत्र बागबेड़ा में गंदगी का ऐसा अंबार लगा हुआ है कि वहां की गलियां ही कूड़े में खो गई है. यहां की सफाई की व्यवस्था राम भरोसे ही है. जिसके चलते लोग पार्क, खाली जगहों, नाली, नाला सड़कों पर ही कूड़ा फेंक रहे है. क्षेत्र में कूड़े का अंबार लगने से कई सड़के ही गायब हो गई है.

क्षेत्र में गंदगी है. कूड़ा डंप करने का कोई स्थान न होने से लोग इधर, उधर जहां भी पाते हैं, वहां पर ही कूड़ा फेंक देते हैं. स्थानीय नेताओं के सहयोग से कई बार क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासन का सहयोग नहीं मिला. यहां पर डस्टबिन की जरूरत है.

कुमोद यादव, बागबेड़ा

3. भाटिया बस्ती में सड़क बनी कूड़े का ढेर

कदमा के भाटिया बस्ती मेन रोड किनारे गंदगी का अंबार लगा हुआ है. स्थानीय लोगों से बात करने पर लोगों ने बताया कि यहां पर नियमित उठाव होता है, लेकिन लेकिन सुबह मार्निग वाकर यहां पर आकर कूड़ा फेंक जाते हैं. मना करने पर भी लोग नहीं मानते हैं. अगर यहां पर डस्टबिन रखा जाए, तो गंदगी कम हो सकती है. इसके लिए स्थानीय लोगों की सहमति बनाकर डस्टबिन का प्रयास किया जाएगा.

जेएनएसी को नियमित उठान के साथ ही कुछ स्थानों पर डस्टबिन की जरूरत है. कई बार ज्यादा कूड़ा होने के चलते लोग फ्लैट में रखना नहीं चाहते हैं. इसे वे किसी खाली स्थान या पार्क में फेंक देते हैं. शहर में एक साथ परिवर्तन नहीं आएगा. वह धीरे-धीरे और जागरुकता से बढ़ेगा, इसलिए जेएनएसी को चाहिये कि शहर के सभी क्षेत्र में 50 से 100 मीटर की दूरी पर एक डस्टबिन रखे.

श्रीकांत देव, कदमा

4. डस्टबिन न मिलने से डिवाइडर पर डाल रहे कूड़ा

शहर के मानगो डिमना रोड में आदर्शनगर के लाग सड़क के बीच में बने डिवाइडर पर कूड़ा फेंक रहे हैं. स्थानीय लोगों से बात करने पर उन्होंने बताया कि कुछ महीनों तक एक एजेंसी से इलाके से कूड़ा उठाया, लेकिन पिछले छह माह से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. सड़क किनारे लगाये गये बकेट भी निकाल लिये गये हैं. इससे लोग सड़क के बीच में बने डिवाइडर में कूड़ा फेंक रहे हैं. लोगों को गंदगी के बचाने के लिए डस्टबिन लगाना चाहिये.

क्षेत्र से बकेट हटा दिये गये हैं. इससे गंदगी फैल रही है. पहले घर-घर से कूड़ा उठान होने पर क्षेत्र में सफाई रहती है, लेकिन कूड़े का उठाव बंद होने और बकेट निकाले जाने से लोग कूड़ा कहां फेंके. मानगो नगर निगम के अधिकारियों की चाहिये कि क्षेत्र में जगह चिन्हित कर बकेट या डस्टबिन लगाये.

मंजेश कुमार, मागनो