इसके बदले में इसराइल हिरासत में रखे गए करीब हज़ार फ़लस्तीनियों को छोड़ेगा. गिलाद शालित को 2006 में अग़वा कर लिया गया था और तब से ये मामला इसराइल में सुर्ख़ियों में रहा है.कई बार उनकी रिहाई के प्रयास हो चुके हैं लेकिन सब विफल रहे हैं.

इसराइल में इस मामले को लेकर कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई गई थी. बैठक के बाद पत्रकारों को इसराईली प्रधानमंत्री ने बताया कि गिलाद शालित कुछ दिनों में घर लौट आएँगे.

वहीं फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने एक बयान में कहा है कि हज़ारों लोग सड़कों पर उतरकर समझौते का स्वागत कर रहे हैं. ग़ज़ा हमास के नियंत्रण में है.

हमास के नेता खालिद मिशाल ने टीवी पर इस समझौते को फ़लस्तीनी लोगों के लिए जीत बताया है. हालांकि बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गिलाद शालित और फ़लस्तीनी बंदियों के परिवारों को तब तक यकीन नहीं होगा जब तक ये लोग घर वापस नहीं आ जाते.

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