- 11वीं में पढ़ने वाली छात्रा ने किया सुसाइड अटेंप्ट

- मछुआरे की पड़ी नजर, तेजी दिखाकर बचा ली जान

GORAKHPUR: गुलरिहा एरिया के बांसथान पुल से चिलुआताल में छलांग लगाकर किशोरी ने सुसाइड का प्रयास किया. बुधवार की सुबह सात बजे किशोरी पुल से पानी में कूद गई. किशोरी को डूबते देख मछुआरे ने जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया. पुलिस की सूचना पर परिजन पहुंचे. किशोरी को समझाबुझाकर घर ले गए. पुलिस का कहना है कि सब्जी में नमक तेज होने पर परिजनों ने उसे डांट दिया था. इससे आहत होकर वह जान गंवाने पहुंच गई.

अचानक पानी में कूद गई किशोरी

जैनपुर की रहने वाली एक किशोरी 11वीं क्लास की स्टूडेंट है. बुधवार की सुबह वह बांसथान पुल पर पहुंची. कुछ देर तक चहलकदमी करने के बाद वह पानी में कूद गई. पुल से कुछ दूरी पर रघुनाथपुर, भगवानपुर निवासी मछुआरा महेश की नजर किशोरी पर पड़ गई. तेजी दिखाते हुए महेश भी गहरे पानी में उतर गए. डूब रही किशोरी को बचाकर किनारे पर ले गए. इस दौरान वहां राहगीरों की भीड़ जमा हो गई.

परिजनों की डांट पर बनाया सुसाइड का प्लान

किशोरी के डूबने की सूचना पर गुलरिहा पुलिस पहुंची. किशोरी से बातचीत करने पर मालूम हुआ कि वह घर से नाराज होकर जान देने निकली थी. मंगलवार की रात उसने सब्जी बनाई. नमक तेज होने पर गार्जियन ने उसे डांट दिया. सुबह होते ही घर से निकलकर जान गंवाने पहुंच गई. परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीन बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर की किशोरी बचपन से जिद्दी स्वभाव की है. मामूली डांट पर किशोरी के सुसाइड अटेंप्ट करने पर लोगों ने गहरी चिंता जताई.

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अचानक मसीहा बन जाते महेश, दर्जनभर की बचाई जान

किशोरी के परिजनों को सौंप कर पुलिस ने राहत की सांस ली. पुलिस और परिजनों ने उसकी जान बचाने वाले मछुआरे महेश की जमकर तारीफ की. रोजाना सुबह- शाम महेश जाल लेकर मछली पकड़ने चिलुआताल में जाते हैं. इस चक्कर में वह करीब 12 लोगों की जान बचाकर उनके घर लौटने में मदद कर चुके हैं. बांसथान के आसपास रहने वाले महेश को फरिश्ता कहते हैं. लोगों का मानना है कि पलक झपकते पानी में डुबकी लगाकर वह लोगों को निकाल लेते हैं.

वर्जन

जान देने के लिए एक किशोरी पानी में कूद गई थी. वहां मछली पकड़ रहे मछुआरे ने उसे बचा लिया. परिजनों को बुलाकर किशोरी को उनके साथ घेर भेज दिया गया.

- मनोज कुमार राय, इंस्पेक्टर, गुलरिहा