- थाने से नहीं मिली मदद, पिता ने खुद ढूंढ ली अपनी बेटी

- पीआरवी 0314 ने बचाई गोरखपुर पुलिस की लाज

GORAKHPUR: पीपीगंज एरिया के जरहद निवासी विनोद की छह साल की बेटी बुलबुल को किराए के मकान में कैद कर रखा गया था। रविवार को बसंतपुर, तकिया मोहल्ले में संजय सैनी के मकान में दबिश देकर पुलिस रिस्पांस व्हीकल के कर्मचारियों ने बुलबुल को छुड़ा लिया। मासूम को बंधक बनाकर रखने वाली उसकी मौसी सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है। राजघाट पुलिस का कहना है कि इस संबंध में बेलीपार थाना में तहरीर दी गई थी। बच्ची को उसके पिता की सुपुर्दगी में देकर जांच पड़ताल की जा रही है।

मां के साथ ननिहाल गई थी बेटी

जरहद निवासी विनोद कुमार चेन्नई में इंजीनियर हैं। वह एक फर्म में ठेकेदारी करते हैं। उनकी शादी 23 नवंबर 2007 को नौसढ़ की रहने वाली सरोज से हुई थी। चार साल बाद दोनों से एक बेटी अनिका उर्फ बुलबुल पैदा हुई। सरोज के मां बनने के बाद पता लगा कि उसे हाई लेवल सुगर है। सरोज का हार्ट ट्रांसप्लांट कराने की सलाह डॉक्टरों ने दी तो वह उपचार के लिए इंतजाम में लग गए। सरोज की देखभाल के लिए ससुरालियों ने उसे अपने पास बुला लिया। मां के साथ बुलबुल भी ननिहाल चली गई। एक नवंबर को सरोज की मौत हो गई। उसकी मौत के लिए विनोद को जिम्मेदार ठहराते हुए ससुरालियों ने बेटी को रख लिया। विनोद ने आईजी, डीआईजी, एसएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगाई। मदद के नाम पर बेलीपार में तैनात रहे एक दरोगा ने विनोद से 13 हजार रुपए भी ले लिए लेकिन मदद नहीं की।

पीआरवी ने कराया मुक्त

पुलिस के रवैये से परेशानहाल विनोद अपनी बेटी की तलाश में भटकते रहे। बच्ची को लेकर उसकी मौसी कहीं चली गई थी। रविवार को उनको किसी ने बताया कि बसंतपुर तकिया मोहल्ले में शिव मंदिर के पास संजय सैनी के मकान में कुछ किराएदार रहते हैं। उनके साथ एक छह साल की बच्ची भी रहती है। लेकिन उसे बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। बच्ची को बेंसमेंट रखकर बाहर से हमेशा ताला बंद कर दिया जाता है। मकान में अपनी बच्ची के कैद होने की संभावना में विनोद ने यूपी 100 को सूचना दी। राजघाट एरिया में चल रही पीआरवी 314 पर तैनात एचसीपी तरुण कुमार उपाध्याय, कांस्टेबल प्रवीण कुमार राय और ड्राइवर होमगार्ड जवान आरके चौधरी मकान पर पहुंच गए। मकान पर मिली संजय की पत्‍‌नी ने पुलिस को बताया कि बसंतपुर निवासी शिव कुमार ने कुछ लोगों को रखवाया है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शटर खुलवाया तो एक बच्ची मिली।

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डैडी आप ने हमको क्यों नहीं ढूंढा

बच्ची को बाहर लेकर पुलिस निकली तो वह विनोद को देखकर जोर से चिल्लाकर बोली, डैडी आप ने हमको खोजा क्यों नहीं? बेटी को देखकर विनोद रो पड़े। बाप-बेटी के लिपटकर रोने पर मोहल्ले के लोग जमा हो गए। बच्ची को किराए के मकान में रखने वाली उसकी मौसी, मकान मालिक संजय, रिश्तेदार शिव सहित चार लोगों को पकड़कर पुलिस थाने ले गई। मौसी ने पुलिस को बताया कि उसने किसी को बंधक नहीं बनाया था। जबकि बच्ची ने कहा कि उसका नाम बदलकर दर्पण रख दिया था। उसकी मौसी उस पर पिता को भूलने का दबाव बना रही थी। बच्ची की बात सुनकर पुलिस ने पूछताछ के लिए चारों को हिरासत में ले लिया। उधर कानूनी औपचारिकता पूरी कर पुलिस ने बच्ची को उसके पिता को सौंप दिया।

वर्जन

एक मकान में बच्ची को बंधक बनाकर रखने की सूचना पर पीआरवी पहुंची थी। बच्ची को बरामद करके उसके पिता को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।

अशोक पांडेय, सीओ, कोतवाली