बनारस के 44 उपकेंद्रों को बनाया जाएगा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

प्रति क्लीनिक पर खर्च किए जाएंगे सात लाख रुपए

अगर आप के घर में कोई बीमार व्यक्ति है और घर से हॉस्पिटल दूर होने की वजह से मोहल्ले के झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराकर परेशान हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है. अब आपके मोहल्ले में भी सरकारी डॉक्टर उपलब्ध होंगे. स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर बनारस में 44 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने का फैसला लिया है. लोगों के घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के मकसद से बनारस समेत प्रदेश के पांच हजार नए उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा.

सात लाख प्रति सेंटर पर खर्च

केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जारी कार्य योजना के तहत इसका अनुमोदन किया गया है. पहले चरण में प्रस्तावित उपकेन्द्रों में 60 फीसदी केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बदला जाएगा. प्रति सेंटर पर सात लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. इसमें आवश्यक धनराशि का 60 प्रतिशत जिलों को प्रथम किश्त के रूप में आवंटित किया जा रहा है. बाकी 40 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार से बजट आवंटन होने के बाद आवंटित की जाएगी.

मिशन निदेशक ने दिया आदेश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक पंकज कुमार ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी किया है. विभाग से जारी सूची के अनुसार बनारस में 44, फतेहपुर में सबसे अधिक 182, बहराइच में 173, सिद्धार्थनगर में 149 उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा.

क्या बनेगा सात लाख से

सात लाख रुपए से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, फर्नीचर, बाहरी और आंतरिक फैसिलिटी ब्रांडिंग संबंधी कार्य कराया जाएगा. इसके अलावा जरूरी दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी.

कहां बनेंगे सेंटर

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र-शिवपुर, राजघाट, दुर्गाकुंड, काशी विद्यापीठ ब्लाक, अराजीलाइन, हरऊआ, सारनाथ, राजातालाब, दान्दुपुर समेत अन्य उपकेन्द्रों में हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे.

ये मिलेंगी सुविधाएं

हीमोग्लोबिन

टीएलसी

डीएलसी

ब्लड ग्रुप

पेशाब द्वारा गर्भ की जांच,

अल्बोमिन व ग्लूकोज की जांच

मलेरिया

फाइलेरिया

डेंगू

चिकनगुनिया

हेपेटाइटिस

बलगम

टाइफाइड आदि की जांच की सुविधा सेंटर पर होगी.

ये सुविधाएं भी मिलेंगी

गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्त्रीनिंग, रेफरल और फालो-अप की व्यवस्था भी इन सेंटर्स पर होगी.

एक नजर

44

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर होंगे बनारस में

07

लाख रूपए खर्च होंगे एक सेंटर पर

60

प्रतिशत राज्य सरकार व 40 प्रतिशत केन्द्र सरकार वहन करेगी कुल खर्च का

मिशन निदेशक के आदेशानुसार उपकेन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बदलने को लेकर कार्य हो रहा है. इसका मकसद लोगों को उनके घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ