- एमएमएमयूटी के बहुउद्देश्यीय हॉल में जिला प्रशासन ने लगवा दी दारू की बोली

- स्टूडेंट्स सहित टीचर्स ने जताया कड़ा विरोध, वीसी ने भी दी थी परमिशन

GORAKHPUR: आपने यूनिवर्सिटी से सर्टिफिकेट या डिग्री मिलते हुए देखा होगा. लेकिन सोमवार को मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में देशी, अंग्रेजी शराब व बीयर ठेका की बोली लगती देखी गई. हैरानी ये कि यह बोली जिला प्रशासन व एमएमएमयूटी प्रशासन की मदद से लगाई जा रही थी. यूनिवर्सिटी के बहुउद्देशीय हॉल में लाउडस्पीकर पर बोली शुरू होते ही कैंपस में मौजूद स्टूडेंट्स सहित टीचर्स भी हैरान रह गए. हर किसी ने प्रशासन और यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों के इस निर्णय पर कड़ा एतराज जताया.

वीसी ने ही दी थी परमिशन

बता दें, शासन के आदेश पर इस बार देशी, अंग्रेजी शराब व बीयर के ठेके के लिए ई-लॉटरी सिस्टम के तहत ऑनलाइन आवेदन कराए गए थे. जिसमें हैसियत प्रमाण पत्र मांगे गए थे. डीएम ऑफिस में करीब 1500 आवेदकों ने अप्लाई किया था. आवेदन के बाद ई-लॉटरी के जरिए इन्हें एलॉटमेंट किया जाना था. इसी क्रम में जिला प्रशासन ने भारी संख्या में आवेदकों को देखते हुए मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के बहुउद्देश्यीय हॉल को अधीग्रहित किया. अधीग्रहण के लिए बकायदा तत्कालीन डीएम राजीव रौतेला ने वीसी प्रो. श्री निवास सिंह से अनुमति भी ली. उसके बाद सोमवार को तय तिथि के मुताबिक, शाम 4 बजे आवेदकों को कैंपस के बहुउद्देश्यीय हॉल में बुलाया गया. जहां पर ई-लॉटरी के जरिए एलॉटमेंट की प्रक्रिया को संपन्न कराया गया. इस दौरान जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के सभी जिम्मेदार अफसरों की मौजूदगी में बोली लगाई गई.

स्टूडेंट्स से लेकर टीचर्स तक रहे स्तब्ध

बहुउद्देश्यीय हॉल में लाउड स्पीकर से जैसे ही देशी, अंग्रेजी शराब, बीयर व मॉडल शाप की बोली लगनी शुरू हुई तो अलग-अलग फैकेल्टी में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स स्तब्ध रह गए. स्टूडेंट्स एक दूसरे से पूछते रहे कि आखिरकार यूनिवर्सिटी में शराब, बीयर की बोली क्यों लग रही है. मेन गेट पर इतनी चेकिंग क्यों हो रही. कुछ स्टूडेंट्स का तो यह भी कहना था कि जिला प्रशासन को जब डीडीयूजीयू कैंपस नहीं मिला तो एमएमएमयूटी पर कब्जा जमा लिया, वो भी दारू के ठेके की बोली के लिए. वहीं यूनिवर्सिटी के विभिन्न फैकेल्टी में पढ़ाने वाले टीचर्स व कर्मचारियों ने भी कैंपस के भीतर लग रहे दारू के ठेके की बोली की जमकर निंदा की. सबका यही कहना था कि कैंपस को जिला प्रशासन व एमएमएमयूटी प्रशासन ने मजाक बना दिया है.

इन ठेकों के लिए लगी ई-बोली

- देशी शराब की 280 दुकानें

- विदेशी शराब की 115

- बीयर की 107

- मॉडल शाप की 12 दुकानों

बॉक्स

हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने में रही थी होड़

बता दें, शराब, बीयर के दुकानों के ठेके लिए 20 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया स्टार्ट हुई थी. जो 28 फरवरी की शाम 7 बजे तक चली. इन नौ दिनों में जिले भर से करीब 1500 आवेदकों ने आवेदन किया. चूंकि पहली बार शराब, बीयर व मॉडल शॉप के आवेदकों को हैसियत प्रमाण पत्र जमा करना था. इसलिए हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने में आवेदकों के पसीने छूट गए थे.

वर्जन

डीडीयूजीयू में 15 मार्च से वार्षिक परीक्षा स्टार्ट हो गई थी. इसलिए एमएमएमयूटी को चुना गया. चूंकि एमएमएमयूटी में 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था थी इसलिए इस स्थान को चुना गया.

- प्रभुनाथ, एमडीएम (प्रशासन)

चूंकि बहुउद्देश्यीय हॉल को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया इसके लिए वीसी ने परमिशन दी थी. इसलिए हम कुछ नहीं कह सकते हैं.

- प्रो. यूसी जायसवाल, रजिस्ट्रार, एमएमएमयूटी

अनुमोदन पहले हो गया होगा. मुझे इसकी जानकारी सोमवार को हुई है.

- प्रो. केजी उपाध्याय, कार्यवाहक वीसी, एमएमएमयूटी