- सिटी में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही है छात्राओं के साथ ईव-टीजिंग की घटनाएं

- सीएम सिटी में बढ़ी घटना की रोकथाम में एसएसपी की टीम पूरी तरह से फ्लॉप

GORAKHPUR: आजादी का जश्न है, तो वहीं बहनों का प्यार समेटे रक्षा बंधन का त्योहार. मगर सेलिब्रेट करने वाली महिलाएं आजादी के जश्न में शामिल नहीं हैं. वजह ईव-टीजिंग का डर, सिक्योरिटी की टेंशन और घर से बाहर निकलने के बाद घटनाओं का खौफ. आज हम भले ही आजादी का जश्न मना रहे हैं, लेकिन शहर के जो हालात हैं, वह डराने वाले हैं. ईव-टीजिंग की घटना ने गोरखपुर पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया है. यहां सख्त पुलिसिंग और घटनाओं पर अंकुश के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं और लोगों को इंतजार है उस आजादी के जश्न का, जब ईव-टीजिंग और दूसरी घटनाओं से उन्हें आजादी मिलेगी और वह खुलकर आजाद हवा में सांस ले सकेंगे.

आजादी के साथ रक्षा का पर्व उठ रहे सवाल

15 अगस्त के दिन इस बार स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन पर्व दोनों एक साथ है. स्कूल कालेज से लगाए सभी संस्थानों में जहां आजादी का जश्न सभी लोग मनाएंगे. वहीं गोरखपुर की स्कूल व कॉलेज गोइंग छात्राओं को ईव-टीजिंग जैसे घटनाओं से कब आजादी मिलेगी? यह तो शहर में अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस ही बता पाएगी. आए दिन एसपी से लगाए सीओ और इंस्पेक्टर बड़े-बड़े अपराधियों के खुलासे कर रहे हैं, लेकिन स्कूल व कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ होने वाले ईव-टीजिंग की घटनाओं की रोकथाम में यह बिल्कुल फेल हैं.

नहीं रहा पुलिस का खौफ

पिछले कई दिनों से लगातार ईव-टीजिंग की घटना की सूचना आने पर छात्राओं के बीच एक दहशत का माहौल बन गया है. छात्राएं ही नहीं बल्कि उनके स्कूल व कोचिंग जाने वाली ग‌र्ल्स जब तक घर सही सलामत नहीं आ जाती. तब पैरेंट्स भी परेशान रह रहे हैं. सभी का यही कहना है कि आखिरकार सीएम सिटी में शोहदों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? या तो उन्हें कार्रवाई का डर नहीं है या फिर पुलिस का खौफ बिल्कुल खत्म हो गया है.

ये है मनचलों का अड्डा

- बक्शीपुर, पादरी बाजार, पीएसी कैंप, सिविल लाइंस, हरिओम नगर, आजाद चौक, कूड़ाघाट, मोहद्दीपुर, असुरन चौक, शिवपुर सहबाजगंज, बिछिया सर्वोदय नगर

एसएसपी व रिपोर्टर की बातचीत .

रिपोर्टर - सर, पिछले कई दिनों से लगातार ईव-टीजिंग की घटनाएं बढ़ी हैं और पुलिस कुछ कर नहीं रही है?

एसएसपी - ऐसा नहीं है कि पुलिस कुछ कर नहीं रही है. ईव-टीजिंग की घटना जो सामने आ रही हैं वह बालिका सुरक्षा सप्ताह अभियान की देन है. पहले वह डर कर आवाज नहीं उठाती थीं, लेकिन अब वह निडर होकर सामने आ रही हैं.

रिपोर्टर - अभियान से घटनाएं कम होनी चाहिए जबकि घटनाएं बढ़ रही हैं ऐसा क्यों?

एसएसपी - स्कूली छात्राओं के साथ घटनाएं पहले भी होती रही हैं. लेकिन वे खुलकर सामने नहीं आती थी. उन्हीं के स्कूल में अगर टीचर्स ऐसा कर रहे हैं तो इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं.

रिपोर्टर - 15 अगस्त और रक्षाबंधन का पर्व दोनों एक ही दिन है. इस दिन गोरखपुर की पुलिस भाई का रोल क्या अदा कर पाएगी?

एसएसपी - बिलकुल, गोरखपुर की पुलिस किसी भी कीमत पर आरोपियों को बख्शेगी नहीं. चाहे वह कितना बड़ा ही अपराधी क्यों न हो?

रक्षाबंधन पर्व के मौके पर छात्राओं को सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा. शोहदों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा. इसके लिए पुलिसिंग और सख्त की जाएगी. इस तरह की कहीं भी कोई घटना होती है. तत्काल मुझसे शिकायत दर्ज कराएं. उस पर कार्रवाई की जाएगी.

डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर

स्कूल कालेज के बाहर मनचले खड़े रहते हैं. फब्तियां कसते हैं. पुलिस को इन पर लगाम लगाना चाहिए.

शालू, छात्रा

सीएम सिटी है और ईव-टीजिंग की घटना इतनी बढ़ गई है कि पूछिए मत. डेली न्यूज पेपर में छेड़छाड़ की घटना ने दहशत में डाल दिया है.

कृतिका, छात्रा

जुलाई के अंतिम सप्ताह से ही लगातार ईव-टीजिंग की घटना बढ़ी है. जो रूकने का नाम ही नहीं ले रही है. आखिरकार पुलिस क्या कर रही है.

अंशिका, छात्रा