- उत्तराखंड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के 30 टॉपर्स को गवर्नर्स अवॉर्ड से किया गया सम्मानित

- उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल, इंटर के 21 और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पूर्व व उत्तर मध्यमा के 6 स्टूडेंट्स शामिल

- पौड़ी के दो और बागेश्वर के एक स्कूल को भी मिला सम्मान

DEHRADUN: उत्तराखंड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के 30 टॉपर्स को गवर्नर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने यह सम्मान प्रदान किए. इसमें उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल, इंटर के 21 और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पूर्व व उत्तर मध्यमा के 6 स्टूडेंट्स शामिल हैं. इसके अलावा लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले पौड़ी के दो और बागेश्वर के एक स्कूल को भी गवर्नर्स अवॉर्ड दिया गया.

राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने दिया सम्मान

फ्राइडे को राजभवन में बोर्ड एग्जाम के टॉपर्स को सम्मानित करने के लिए गवर्नर्स अवॉर्ड का आयोजन हुआ. राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने यह सम्मान प्रदान किए. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ समाज और देश के प्रति भी जागरूक होना जरूरी है. प्राकृतिक संपदा को बनाए रखना भी हमारा क‌र्त्तव्य है. उन्होंने कहा कि पुरस्कृत स्टूडेंट्स को अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण, जल संरक्षण का ब्रांड एंबेसडर बनना चाहिए.

शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि स्टूडेंट्स को समाज के सफल लोगों से सीख और प्रेरणा लेकर अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि 10वीं व 12वीं की टॉपर ग‌र्ल्स हैं. हमें अपनी बेटियों पर गर्व है और बालिका शिक्षा पर हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. यदि समाज की प्रत्येक बालिका शिक्षित हो गयी तो भविष्य में पूरा समाज शिक्षित हो जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी समृद्ध समाज की आधारशिला में महिलाओं का योगदान होता है.

परिजनों के जन्मदिन पर लगाएं पेड़

राज्यपाल ने कहा कि टीचर्स को चाहिए कि वे स्टूडेंट्स को रचनात्मक व नया सोचने के लिए प्रोत्साहित करें. उन्हें जिज्ञासु बनाएं और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करें. कहा कि उनके भीतर वैज्ञानिक सोच व तकनीकी के प्रति लगाव उत्पन्न किया जाना जरूरी है. उन्होंने स्टूडेंट्स का आह्वान करते कहा कि अपने व अपने भाई-बहनों, पेरेंट्स के जन्मदिन पर एक-एक पेड़ अवश्य लगाएं और आजीवन उसकी देखभाल करें.

जल संचय और संरक्षण के लिए करें जागरूक

राज्यपाल ने कहा कि लोगों को जल संचय और जल संरक्षण के लिए जागरूक करें. अपने गांव, मोहल्ले स्कूल में स्वच्छता अभियान चलाएं. स्टूडेंट्स को स्कूली जीवन से ही जैविक खेती के बारे में जागरूक किया जाए. पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में जैविक खेती की अच्छी संभावनाएं हैं. होम स्टे, योग व आयुर्वेद जैसे विषयों को अधिकाधिक प्रोत्साहित किया जाए. युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में कॅरियर के लिए कौशल विकास के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. इस दौरान उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, राज्यपाल के सचिव आरके सुधांशु, शिक्षा निदेशक आरके कुंवर आदि उपस्थित रहे.

टीचर्स की कमी पर व्यक्त की चिंता

पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में टीचर्स की कमी पर राज्यपाल ने चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि टीचर्स को राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देने के लिए तत्पर रहना चाहिए. जहां टीचर नहीं हैं, वहां व्यवस्था करना सरकार का दायित्व है. शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते कहा कि टीचर्स को लगातार स्वयं को अपडेट रखना चाहिए.

इन स्टूडेंट्स का हुआ सम्मान-

हाईस्कूल-अनंता सकलानी, अर्पित बड़थ्वाल, सुरभि गहतोड़ी

संस्कृत शिक्षा बोर्ड- पूर्व मध्यमा में विमल तिवारी, शुभम पांडे, रवि जोशी

उत्तर मध्यमा- अस्मिता, मनीष चंद्र द्विवेदी, प्रियांशु

सम्मानित स्कूल-

जीआईसी धुमाकोट, पौड़ी

जीआईसी रातिर केटी, बागेश्वर

जीआईसी कोचियर, पौड़ी

इंटर में 21 को मिला सम्मान-

बालिकाओं में काजल शर्मा, निकिता चौधरी, श्रृंखला चौधरी, अरशी मंसूनी

बालक वर्ग में राधावल्लभ, मयंक सिंह, मयंक पुंडीर

विज्ञान वर्ग बालिका में शताक्षी तिवाड़ी, शीतल, दक्षता तिवारी

बालक वर्ग में सक्षम, हरीश सिंह बोरा, आशीष पुंडीर

मानविकी बालिका वर्ग में उन्नति रावत, वैशाली तोमर, आरती, अंकिता पंत

बालक वर्ग में दीक्षित चौहान, विवेक सैनी, दीपक सिंह गढिया, अभिषेक सिंह.