आधार कार्ड की अनिवार्यता

आधार कार्ड की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उठाए गए सवालों के बाद केंद्र सरकार सकते में है. अब आनन-फानन आधार को कानूनी जामा पहनाने की भी तैयारी है. इसके लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक ला सकती है. दूसरी तरफ, आदेश पर पुनर्विचार के लिए सरकार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए थे. इसके बाद आम जनता के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी ट्रांसफर करने की सरकारी नीति को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई है.

गैस सब्सिडी ट्रांसफर पर चिंता

शीर्ष अदालत के रुख पर सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता बैंक खाते में सीधे रसोई गैस सब्सिडी ट्रांसफर करने की योजना को लेकर है. इस योजना को कांग्रेस आगामी चुनाव के लिए ‘गेम चेंजर’ के तौर पर देख रही है. यही वजह है कि अब बिना देरी के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को कानूनी तौर पर अनिवार्य किया जाएगा.

राष्ट्रीय पहचान पत्र विधेयक

संसदीय कार्य राज्यमंत्री ने  मंगलवार को बताया, ‘शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय पहचान पत्र विधेयक, 2010 पर चर्चा कराने और पारित कराने की कोशिश की जाएगी. अभी विधेयक को कुछ बदलावों के लिए योजना आयोग के पास भेजा गया है. जल्द ही आयोग की रिपोर्ट आने की उम्मीद है.’ सनद रहे कि इस विधेयक को पहले सरकार ने पेश किया था, जिसे वित्त मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति को भेज दिया गया था.

यशवंत सिन्हा की रिपोर्ट

समिति के अध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने अपनी रिपोर्ट में विधेयक में कई खामियां गिनाते हुए आधार की वैधता को लेकर ही गंभीर सवाल उठा दिए थे. बहरहाल, इस दौरान सरकार ने आधार के जरिए सब्सिडी बांटने के अपने कार्यक्रम को काफी तेज कर दिया. कई कांग्रेसी राज्यों ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए इसे अनिवार्य बना दिया है. मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, जहां इसकी अनिवार्यता को खारिज करने का अंतरिम आदेश दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार

पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार सुबह अटॉर्नी जनरल से बात की. मोइली ने बताया कि अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से अपने आदेश पर पुनर्विचार को कहा जाएगा. पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीधे बैंक खाते में एलपीजी सब्सिडी डालने की योजना अधर में लटक गई है. हाल में मंत्रालय ने लगभग देश के  आधे एलपीजी ग्राहकों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी देने की योजना जनवरी, 2014 तक लागू करने का एलान किया था.

Posted By: Satyendra Kumar Singh

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