शशि थरूर का कहना है कि अफजल गुरु को फांसी देने का डिसीजन गलत था और इस पूरे मामले से ठीक तरीके से नहीं निपटा गया. जाहिर है थरूर का यह बयान उनकी पार्टी कांग्रेस के गले के नीच आसानी से नहीं उतरेगा. ध्यान रहे 9 फरवरी, 2013 को जब अफजल को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया गया, उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी और थरूर उसमें हृयूमन रिर्सोस और डेवलपमेंट राज्य मंत्री थे. इस बीच कांग्रेस ने थरूर के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है.


केरल से कांग्रेस सांसद थरूर ने ट्वीट किया, ‘मेरे ख्याल से यह घटना गलत भी थी और इसे बेहद खराब तरीके से अंजाम दिया गया. पहले परिवार को चेतावनी दी जानी चाहिए थी. परिजनों को आखिरी मुलाकात का मौका मिलना चाहिए था और अफजल का शव भी परिवार वालों को सौंपा जाना चाहिए था.’ जबकि  कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार कहना है कि अफजल मामले में कानून का पालन किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. सरकार ने शीर्ष अदालत के आदेश का पालन किया. यूपीए सरकार की इस मामले में कोई भूमिका नहीं. लोगों की इस पर अलग-अलग राय हो सकती है.

थरूर का यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर के पांच कांग्रेस विधायकों ने बयान जारी कर माना है कि अफजल को फांसी देना एक गलती थी. दो साल पहले जब अफजल को फांसी दी गई थी तो उसका कश्मीर घाटी में व्यापक विरोध हुआ था.

 

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