लखनऊ में अधिकरण स्थापना पर हाई कोर्ट ने उठाया सवाल

रिवाइज प्रपोजल केन्द्र सरकार को भेजने का निर्देश

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हाई कोर्ट की प्रधानपीठ के शहर प्रयागराज के स्थान पर लखनऊ में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की स्थापना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है. इसे प्रयागराज में ही स्थापित किया जाना चाहिये. यह आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने देते हुए राज्य सरकार से कहा है कि दो सप्ताह में रीवाइज प्रपोजल केन्द्र सरकार को भेजे. कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 15 मार्च निर्धारित की है.

डबल बेंच का आदेश

यह आदेश जस्टिस भारती सप्रू तथा पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने एक प्राइवेट कंपनी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने आदेश की प्रति भारत सरकार के सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश व प्रदेश सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता निमाई दास को सूचनार्थ 24 घंटे में देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रयागराज में प्रधानपीठ स्थित है. इसलिए अधिकरण सुप्रीमकोर्ट के फैसले के तहत प्रयागराज में स्थापित किया जाना चाहिए. कोर्ट ने ठोस आश्वासन न देने पर केंद्र व राज्य सरकार से बेहतर हलफनामा मांगा है.

कोर्ट ने कहा

वादकारी को किसी आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का वैधानिक अधिकार है.

सरकार द्वारा फोरम न दे पाने के कारण वादकारी को अनुतोष विहीन नहीं छोड़ा जा सकता.

जीएसटी काउंसिल के अधिकारियों द्वारा दाखिल हलफनामे में कोई ठोस प्रस्ताव नहीं है. हवा में वायदे किये गये हैं. अधिकरण स्थापित करने की कोई समय अवधि नहीं बतायी गयी है. केंद्र व राज्य सरकार से बेहतर हलफनामा दाखिल करके बताये कि कितने समय में प्रयागराज में अपीलीय अधिकरण स्थापित हो जायेगा.

इलाहाबाद हाई कोर्ट