प्रशासनिक न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता के नेतृत्व में पहुंची टीम

बंदियों से मिलकर जाना उनकी सुविधा का हाल

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ALLAHABAD: प्रशासनिक न्यायाधीश जस्टिस शशिकांत गुप्ता की अगुवाई में मंगलवार दोपहर कई जजों की टीम ने नैनी सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण किया. जजों के साथ जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे. औचक निरीक्षण के पीछे कैदियों को जेल के भीतर मिली रही सुविधाओं की जांच पड़ताल करना था. इस बात की भी जांच करनी थी कि कहीं किसी कैदी के साथ जेल प्रशासन द्वारा अमानवीय व्यवहार तो नहीं किया जा रहा है.

बंदियों से मिल जाना हाल

हाईकोर्ट के जस्टिस शशिकांत गुप्ता, जस्टिस रेखा दीक्षित, जिला जज संजय कुमार पचौरी, सीजेएम रेशमा प्रवीण अन्य अफसरों के साथ मंगलवार को नैनी सेंट्रल जेल औचक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे. अचानक जजों की टीम के पहुंचने से जेल अधिकारियों में अफरा-तफरी मची रही. जस्टिस शशिकांत गुप्ता ने कैदियों के खाने पीने, रहने और इलाज समेत जेल मैन्युअल के हिसाब से मिलने सुविधाओं के बारे में कैदियों से जानकारी ली. जांच टीम में शामिल महिला जज महिला बैरकों में जाकर उनकी शिक्षा दीक्षा तथा उनके साथ रह रहे उनके बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिया. महिला बंदियों को स्वालम्बी बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया. बताया कि यदि किसी के पास मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं हो तो सरकारी खर्च पर वकील की नियुक्ति की जाएगी. दोपहर करीब दो बजे पहुंची टीम शाम पांच बजे तक यहां रही.

शिकायत सेल बंद, मिली फटकार

निरीक्षण के दौरान एसपी यमुनापार एके राय, एडीएमई महेंद्र कुमार, सीओ अलका भटनागर और सीएमओ भी उनके थे. जजों ने सभी सर्किलों के कैदियों बंदियों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों के बारे में पूछा, शिकायत सेल का कार्यालय बंद था, इस पर जेल के अफसरों को फटकार लगाई. तत्काल शिकायत सेल आफिस खोलने का निर्देश दिया गया. अस्पताल में हो रहे इलाज को लेकर भी सवाल जवाब हुए. टीम ने कैंटीन का निरीक्षण कर कैदियों को मिलने वाले भोजन के बारे में भी पूछताछ की. जैमर को भी चेक किया.