उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माशिसे चयन बोर्ड की विलय प्रक्रिया की शुरूआत में उठाया कदम

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ALLAHABAD: उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रभात मित्तल ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. लखनऊ में प्रभात मित्तल ने त्यागपत्र अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल को सौंपा है. भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एवं उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के विलय की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है.

विषम परिस्थितियों से जूझे

पूर्व आइएएस एवं सचिवालय प्रशासन के सचिव पद से रिटायर प्रभात मित्तल को समाजवादी पार्टी की सरकार में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था. 27 अप्रैल 2016 को आयोग में कार्यभार ग्रहण करने के दौरान उन्हें विषम हालातों से जूझना पड़ा था. विज्ञापन संख्या 46 के तहत अशासकीय महाविद्यालयों में 1652 पदों की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा हो चुकी थी. रिजल्ट और साक्षात्कार रुका था. ऐसे मौके पर आयोग में सदस्य भी निर्धारित पदों के सापेक्ष नहीं थे.

34 विषयों का किया था चयन

आयोग के पूर्व अध्यक्ष लाल बिहारी पांडेय व कुछ अन्य सदस्यों की नियुक्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद कर दी थी. इसके बाद प्रभात मित्तल का आगमन हुआ. लेकिन मुश्किलें फिर भी कम नहीं हुई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उप सचिव संजय सिंह नागा को भी बर्खास्त कर दिया. मित्तल ने अपने कार्यालय में कामकाज के साथ अभ्यर्थियों को सूचना देने का तंत्र बदल दिया था. उन्होंने आयोग की नई वेबसाइट बनवाई और एक-एक करके असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में 34 विषयों में करीब 770 अभ्यर्थियों का चयन करके शासन को सूची सौंप दी.

अब नया आयोग करेगा भर्ती

बीते 23 मार्च को शासन से मिले निर्देश का संज्ञान लेकर उन्होंने साक्षात्कार रोक दिया. तब से नौ विषयों का इंटरव्यू अधर में है. इसी बीच शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए. अब आयोग का विलय होने पर उन्होंने पद से किनारा कर लिया है. मित्तल ने गुरुवार को अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल को त्यागपत्र दे दिया है. संभव है कि शासन इसी सप्ताह उसे स्वीकार कर लेगा. उन्होंने कहा कि वे इलाहाबाद का आवास खाली कर चुके हैं और अब इस्तीफे की औपचारिकता भी पूरी कर दी है.