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AGRA:  स्मारक में हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की रेंज का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इन कैमरों की मदद से पर्यटक के मोबाइल की स्क्रीन तक को देखा जा सकता है. फेस डिटेक्शन फीचर से भी ये लेस होंगे. ऐसे में किसी पर्यटक के साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर ये बड़ी भूमिका निभाएंगे.

चीफ कमांडेट ने शुरू की पहल
स्मारक में कैमरे कोरिया की एक कंपनी द्वारा फ्री लगाए जा रहे हैं. सीआईएसएफ के चीफ कमांडेट ब्रज भूषण सिंह और आगरा में तैनात रहे आईजी राजा श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कंपनी से वार्ता की. इस बारे में चीफ कमांडेट ने बताया कि कोरिया की सीसीटीवी सर्विलांस कंपनी हिकविजन के प्रतिनिधियों से वार्ता की. कंपनी के प्रतिनिधियों को बताया कि सेवन वंडर्स में शुमार ताज पर फ्री ऑफ कॉस्ट कैमरे लगाते हैं, तो कंपनी का अपना प्रचार-प्रसार होगा. इस पर कंपनी के प्रतिनिधि सहमत हो गए. 55 कैमरे लगाने को तैयार हो गए. इसमें 21 कैमरे लगाए जा चुके हैं.

पहले 18 करोड़ से लगवाने थे कैमरे
ताज के अन्दर इन कैमरों को लगाने का प्रस्ताव 18 करोड़ रुपये से तैयार किया गया था. ये प्रस्ताव एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद भुवन विक्रम सिंह के समय तैयार किया गया था. तब इस प्रपोजल को लेकर दिल्ली में उच्चाधिकारियों की मीटिंग हुई. इसमें आगरा से सीआईएसएफ और पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी शामिल हुए. इस प्रपोजल को लेकर सहमति नहीं बन सकी. इस पर मुख्यालय से सीआईएसएफ के चीफ कमांडेट ब्रज भूषण सिंह को दोबारा सर्वे कराने को कहा. इस पर उन्होंने दोबारा कंपनी से सर्वे करवाया तो इस बार कंपनी ने 55 हाईटेक कैमरे लगाने का खर्च सात करोड़ करोड़ बताया. इसमें पांच करोड़ कैमरों की लागत और दो करोड़ उनके रखरखाव का खर्च बताया.

हाईटेक कैमरों की खासियत

- पर्यटकों के मोबाइल स्क्रीन तक को कर सकेंगे रीड

- स्ट्रैची ब्रिज पर खड़े शख्स का भी देखा जा सकेगा चेहरा

- रात में भी पिक्चर कैद करने में होंगे सक्षम

क्या होगा फायदा

- ताज की सुरक्षा और पुख्ता होगी

- पर्यटकों से स्मारक पर दु‌र्व्यव्हार रूकेगा

- टिकट बिक्री पर भी नजर रखी जा सकेगी

- वीकेंड के दौरान व्यवस्थाएं संभालने में बनेगा मददगार

कितने लगेंगे

55

 

लग गए

21

फेस डिटेक्शन फीचर्स से लेस
अगर आप स्मारक देखने जा रहे हैं. साथ में बच्चा भी है. स्मारक पर भीड़ होने के चलते उसका आप से छूट जाता है. तो परेशान की जरूरत नहीं है. इन कैमरों की मदद से बच्चों को भी खोजा जा सकेगा. ये मुमकिन फेस डिटेक्शन फीचर्स से होगा. इसके लिए आपको स्मारक में कंट्रोल रूम पर सूचना देनी होगी. वहां से आपकी एंट्री की डिटेल लेकर आपके साथ आए बच्चे का फोटो लिया जाएगा. बच्चे को आईडेंटीफाई कराकर रेड गोल घेरे में चिह्नित कर दिया जाएगा. इसके बाद कैमरा उसको तलाश लेगा. वह जहां भी होगा. कैमरा उसी पर फोकस करेगा. फेस डिटेक्शन फीचर्स की मदद से आपके बच्चे का तुरंत पता लगाया जा सकेगा.

 

बॉक्स में

 

यलो जोन

140 सीसीटीवी कैमरे

तकरीबन 90 काम नहीं कर रहे

 

रेड जोन

18 सीसीटीवी कैमरे

छह काम नहीं कर रहे हैं.

 

ताज से कमाई

180 करोड़

 

 

सुरक्षा और मेंटीनेंस पर खर्च

1.5 करोड़ प्रति वर्ष

ताज की आमदनी और खर्च पर एक नजर

वर्ष प्राप्त राजस्व ताज के रखरखाव पर खर्च

2012-13 24 करोड़ 58 लाख 12 करोड़ चार लाख

2013-14 22 करोड़ 40 लाख 13 करोड़ 73 लाख

2014-15 21 करोड़ 78 लाख 16 करोड़ 24 लाख

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