एसएसपी के आदेश पर खोली गई 102 नए बदमाशों की हिस्ट्रीशीट

Meerut. लूट, डकैती, हत्या करने वाले पेशेवर बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. एसएसपी ने जिले के सभी बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है. इस बाबत हर थाने में एक रजिस्टर भी बनवाया गया है, जिसमें हर महीने हिस्ट्रीशीटरों की हाजिरी भी लगवाई जाएगी.

लिसाड़ी गेट सबसे आगे

सबसे ज्यादा 9 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट थाना लिसाड़ी गेट में खोली गई है, जबकि 7 हिस्ट्रीशीट खोलकर थाना किठौर दूसरे नंबर पर है. 6-6 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलकर थाना देहलीगेट और कंकरखेड़ा तीसरे नंबर पर है. चार थानों में 5-5 बदमाशों की, 7 थानों में 4-4 बदमाशों की हिस्ट्रशीट खोली गई है. यही नहीं 3-3 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलने वाले चार थाने हैं, वहीं 6 थानों में 2-2 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है. रेलवे रोड और रोहटा थाना सिर्फ ऐसा है, जहां 1-1 बदमाश की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

क्या है मामला

लिसाड़ी गेट शातिर बदमाशों वाला इलाका है. यहां के बदमाश कई राज्यों में लूटपाट और डकैती की वारदात को अंजाम दिया करते हैं. यहां आए दिन अन्य राज्यों की पुलिस आकर दबिश देती रहती है. कई राज्यों में होने वाली घटनाओं का कनेक्शन लिसाड़ी गेट से निकलता है. शहर में होने वाली तमाम बड़ी घटनाओं में भी लिसाड़ी गेट के बदमाशों का लिंक निकलता है.

कसा जाएगा शिकंजा

बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलती है. दरअसल कई बार बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद जेल चले जाते हैं और जमानत पर छूटने के बाद फिर से वारदात को अंजाम देना शुरू कर देते है. जब हिस्ट्रीशीट खुल जाती है तो पुलिस इन बदमाशों को अपनी निगरानी में रखती है. पुलिस के लिए बदमाश को ट्रेस करने में भी आसानी रहती है. हिस्ट्रीशीट वाले बदमाश का पूरा डाटा डीसीआरबी को भी भेजा जाता है.

क्या होती है हिस्ट्रीशीट

जब एक बदमाश कई सारी लूट, डकैती या अन्य घटनाओं को अंजाम देता है. इसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाती है, उसे हिस्ट्रीशीट कहा जाता है. कम से कम दो और अधिक से अधिक कितने भी मुकदमों में हिस्ट्रीशीट खोली जा सकती है. कानूनी जानकारों के मुताबिक हिस्ट्रीशीट दो प्रकार की होती है. पेशेवर हिस्ट्रीशीट में वे बदमाश शामिल किए जाते हैं, जो लगातार चोरी, लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देते हैं. अगर कोई बदमाश लंबे समय से अपराध नहीं कर रहा है तो उसे बिना पेशेवर वाली हिस्ट्रीशीट में शामिल किया जाता है. हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए थानेदार को सीओ और एसपी सिटी की अनुमति लेनी होती है. जिसके बाद इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भी भेजी जाती है.

लूट-डकैती, मर्डर के बदमाश

लूट-डकैती और मर्डर करने वाले बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलने पर पुलिस का फोकस रहता है. अभी कुछ महीने पूर्व बेगमपुल पर मणप्पपुरम गोल्ड लोन और सोफीपुर में एक सिक्योरिटी कंपनी के एजेंट से 9.5 लाख रूपये की लूट के बाद से पुलिस ने बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए हिस्ट्रीशीट खोलनी शुरू कर दी है.

किस थाने में कितनी हिस्ट्रीशीट

लिसाड़ी गेट 9

किठौर 7

देहली गेट 6

कंकरखेड़ा 6

कोतवाली 5

जानी 5

मवाना 5

हस्तिनापुर 5

परतापुर 4

परीक्षितगढ़ 4

बहसूमा 4

फलावदा 4

मुंडाली 4

खरखौदा 4

सरधना 4

ब्रह्मपुरी 3

मेडिकल 3

दौराला 3

सरूरपुर 3

टीपी नगर 2

सदर बाजार 2

लालकुर्र्ती 2

नौचंदी 2

पल्लवपुरम 2

इंचौली 2

रेलवे रोड 1

रोहटा 1