- महिलाओं के लिए राज्य महिला आयोग द्वारा तैयार की गई योजना

- महिलाओं को दी जाएगी हॉस्पिटेलिटी की ट्रेनिंग, जोड़ा जाएगा टूरिज्म से

- सरकार द्वारा संचालित होम स्टे योजना से आत्मनिर्भर होंगी महिलाएं

देहरादून.

राज्य की महिलाओं को सेल्फ डिपेंडेंट बनाने के लिए महिला आयोग द्वारा उन्हें हॉस्पिटेलिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी, खासतौर से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही टूरिज्म की होम-स्टे योजना के लिए महिलाओं को तैयार किया जाएगा. ताकि उन्हें स्वरोजगार का नया विकल्प मिल सके. वे खुद की आमदनी हासिल कर सकें और घर बैठे इकनॉमिकली स्ट्रॉन्ग हो सकें.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भेजा लेटर

महिलाओं को हर तरह से सक्षम बनाए जाने और उन्हें रोजगार से जोड़े जाने को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से राज्य महिला आयोग में लेटर भेजा गया है. जिसमें महिलाओं को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रेंड करने की बात कही गई है. साथ ही महिलाओं के लिए बनाई जाने वाली प्लानिंग और ट्रेनिंग शेड्यूल का वर्कप्लान बताने को भी कहा गया है. कवायद का मकसद महिलाओं को अवेयर करना साथ ही सेल्फ डिपेंडेंट बनाने में मदद करना है.

गढ़वाल-कुमाऊं दोनों मंडलों में ट्रेनिंग

राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं को घर बैठे स्वरोजगार का विकल्प देने के लिए होम स्टे योजना को चुना गया. तय किया गया है कि गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में महिलाओं को होम स्टे योजना को लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी. इस योजना के लिए सरकारी मदद से लेकर हॉस्पिटेलिटी तक की बारीकियां उन्हें बताई जाएंगी.

टूरिज्म डिपार्टमेंट का सहयोग

महिला आयोग की ओर से टूरिज्म डिपार्टमेंट को भी इस योजना में साथ लिया जाएगा, ताकि विभाग की होम स्टे योजना के बारे में सही से महिलाओं को जानकारी दी जा सके. साथ ही इंटरेस्टेड महिलाओं को एप्लाई करने से लेकर होम स्टे रजिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रोसेस से रूबरू कराया जाएगा.

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए यह पहल की जा रही है. महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो डॉमेस्टिक वॉयलेंस जैसे मामले भी कम होंगे.

विजया बड़थ्वाल, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग