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DEHRADUN: अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से जुड़े फर्जीवाड़े में रुद्रपुर के कृशन हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई की गई है. हॉस्पिटल की सूचीबद्धता समाप्त कर दी गई है. हॉस्पिटल द्वारा प्रस्तुत 17 क्लेम भी निरस्त कर दिए गए हैं. इनमें छह क्लेम की राशि 55 हजार 800 रुपये का भुगतान किया गया है. जिसे हॉस्पिटल को अब वापस करना होगा. इस राशि पर दोगुना दंड एक लाख 11 हजार 600 रुपये भी हॉस्पिटल पर लगाया गया है. हॉस्पिटल को अगले सात दिन के भीतर कुल एक लाख 67 हजार 400 रुपये की धनराशि राज्य स्वास्थ्य अभिकरण को लौटानी होगी.

17 मरीजों का हुआ इलाज
रुद्रपुर के काशीपुर बाईपास रोड स्थित हॉस्पिटल में सूचीबद्धता की तिथि से कुल 17 मरीजों का इलाज किया गया है. लेकिन, सभी मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जबकि कोई भी रेफरल केस नहीं है. वहीं हॉस्पिटल के द्वारा प्रस्तुत समस्त मेडिकल अभिलेखों की जांच के बाद समस्त मरीजों के जांच प्रपत्रों में मरीज के भर्ती का समय और उनके प्रोग्रेस चार्ट में भी कोई समय अंकित नहीं पाया गया. डिस्चार्ज कार्ड में समय और तिथि अंकित नहीं की गई है. हॉस्पिटल की सूचीबद्धता के लिए दिए आवेदन में बताया गया कि डॉ. गौरव अग्रवाल वहां एकमात्र डॉक्टर हैं. जबकि वे जवाहर लाल नेहरू जिला हॉस्पिटल रूद्रपुर में संविदा पर तैनात पूर्णकालिक एलोपैथिक डॉक्टर हैं, जबकि कृशन हॉस्पिटल में उनकी 24 घंटे उपलब्धता दिखाई गई. अभिलेखों के परीक्षण में यह भी पता लगा कि हॉस्पिटल ने बिना प्री-ऑथ अप्रवल ही उपचार शुरू कर दिया. मेडिकल रिकॉर्ड से पता लगा कि मरीजों की डायग्नोसिस बिना किसी जांच की गई है.

काशीपुर के हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई
काशीपुर स्थित जनसेवा अस्पताल पर भी योजना से जुड़े फर्जीवाड़े में कार्रवाई की गई है. हॉस्पिटल की सूचीबद्धता समाप्त कर उसके द्वारा अब तक प्रस्तुत 73 क्लेम निरस्त कर दिए गए हैं. इनमें 58 केस की राशि 2 लाख 7 हजार रुपए हॉस्पिटल द्वारा प्राप्त की गई है. जिसे अब उसे वापस करना होगा. इस पर दोगुना दंड 4 लाख 14 हजार रुपए भी लगाया गया है. वहीं पांच मामलों में हॉस्पिटल ने अधिक धनराशि क्लेम की. जिस पर पांच गुना दंड 45 हजार रुपये लगाया गया है. हॉस्पिटल को कुल 6 लाख 66 हजार रुपये की धनराशि का सात दिन के भीतर राज्य स्वास्थ्य अभिकरण को भुगतान करना होगा.