चीन से युद्ध हुआ तो क्या करेगी सेना
पटना हाईकोर्ट ने उत्तरी बिहार को बाकी बिहार से जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु की बिगड़ती हालत पर बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु की हालत इतनी खस्ताहाल है कि कभी भी किसी की जान ले सकता है. ऐसे में यदि भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ तो भारतीय सेना गंगा नदी कैसे पार करेगी. गौरतलब है कि पूर्व एमपी शत्रुघ्न प्रसाद ने मोकापा के राजेंद्र पुल की खराब हालत
को लेकर पीआईएल डाली थी. इस पीआईएल की सुनवाई में कोर्ट ने महात्मा गांधी सेतु का भी जिक्र कर लिया. कोर्ट ने कहा , 'हर दिन खबर आ रही है कि महात्मा गांधी सेतु खस्ताहाल हो चुका है. न जाने यह सेतु किसकी जान ले ले. कोई सरकार इस बारे में गंभीर नहीं है. इस बारे में कोई सोचता भी नहीं कि अगर यह पुल बंद हो जाए या टूट जाए तो क्या गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी.'

समस्या से अंजान
हैं नेतागण
इसके साथ ही कोर्ट ने कहा 'जिस दिन नेताओं को पैदल इस पुल को पार करना पड़ेगा, उस दिन उन्हें मालूम चलेगा कि समस्या क्या है. आम आदमी तो नाव के रास्ते भी नदी पार कर लेंगे, लेकिन चीन ने अगर भारत पर हमला कर दिया तो सेना किस रास्ते से गंगा पार करेगी? यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है, ऐसे में इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.' इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि उसे इस बात से मतलब नही है कि पुल का निर्माण किस सरकार द्वारा किया जाए लेकिन कोर्ट को सिर्फ यह चिंता है कि पुल कब ठीक होगा.

आखिर क्यों रुकी है पुल की मरम्मत

बिहार के उत्तरी हिस्से को बाकी बिहार से जोड़ने वाला महात्मा गांधी पुल दरअसल राजनीति का शिकार होकर खस्ताहाल हो गया है. बिहार सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है वहीं बिहार बीजेपी नेताओं ने इसके लिए मांझी सरकार को जिम्मेदार बताया है. इस बारे में बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि साल 2012 में तय हुआ था कि अगले 6 सालों तक बिहार सरकार इस पुल की मरम्मत आदि का ख्याल रखेगी. लेकिन अब राज्य सरकार इस जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार इस पुल के लिए पहले 63 करोड़ और अब 23 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर कर चुकी है.

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