कानपुर। ट्रार्इ के नये टीवी सब्सक्रिप्शन नियम के तहत अब आपको हर महीने 130 रुपये की अधिकतम राशि देनी ही होगी। इस पर जीएसटी अतिरिक्त होगा। इस राशि की एवज में आपको 100 फ्री टू एयर चैनल देखने को मिलेंगे। इसके अतिरिक्त आप जो चैनल देखना चाहें तो उसकी एमआरपी के हिसाब से आपको भुगतान करना होगा। फ्री टू एयर 100 चैनल भी आपकी मर्जी के ही होंगे। यानी अब नेटवर्क प्रोवाइडर आपको अपनी मर्जी का चैनल दिखाने पर मजबूर नहीं कर सकेगा।

अधिकतर पेड चैनल 50 पैसे से 19 रुपये के बीच होंगे

नर्इ व्यवस्था के तहत ज्यादातर पेड चैनल 19 रुपये तक के होंगे। इन चैनलों को आप प्रति चैनल या चैनलों का पैक या बुके भी चुन सकते हैं। चैनल पैक की कीमत उसमें शामिल चैनलों की कुल राशि से अधिकतम 15 प्रतिशत तक ही सस्ते हो सकते हैं। 19 रुपये से ज्यादा कीमत वाले चैनल बुके या चैनल पैक का हिस्सा नहीं हो सकेंगे। आप चैनल पैक ले सकते हैं, एक-एक चैनल भी ले सकते हैं या फिर चैनल पैक आैर एक-एक चैनल मिलाकर भी ले सकते हैं। आपके पसंद के चुने हुए पेड चैनलों की कीमत 130 रुपये के अतिरिक्त होगी।

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100 से ज्यादा फ्री टू एयर चैनल के भी देने होंगे पैसे

ट्रार्इ द्वारा दी गर्इ जानकारी के मुताबिक 130 रुपये की मासिक कीमत पर आपको सिर्फ 100 फ्री टू एयर चैनल ही देखने को मिलेंगे। इससे ज्यादा चैनल आप देखना चाहते हैं तो प्रति 25 चैनल आपको 20 रुपये का भुगतान करना होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो नर्इ व्यवस्था में फ्री टू एयर चैनल भी पूरी तरह फ्री में आप नहीं देख सकेंगे। हर चैनल के लिए अब स्क्रीन पर अपनी एमआरपी दिखाना अनिवार्य होगा।

चैनल का नंबर अब नहीं बदल सकेंगे

नये नियम के तहत ब्राॅडकास्ट प्रोवाइडर अब चैनलों का नंबर नहीं बदल सकेंगे। जो चैनल एक बार जिस नंबर पर सेट होगा वह उसी नंबर पर दिखाया जाता रहेगा। चैनल अपनी प्रकृति के हिसाब से जैसे सभी म्यूजिक, सिनेमा, समाचार आदि चैनल एकसाथ दिखाना होगा। साथ ही ग्राहकों को चैनल, सर्विस आैर अन्य शिकायतों संबंधी जानकारी के लिए एक निश्चित चैनल पर कस्टमर इनफाॅर्मेशन प्रोग्राम चलाना होगा।

चैनलों की लंबी डील वाले पेमेंट का क्या होगा

यदि आपने किसी चैनल पैक का सब्सक्रिप्शन एक साल या छह महीने का कर लिया है तो नये नियम के तहत आपको कोर्इ दिक्कत नहीं होगी। आप जब तक उस पैक की अवधि खत्म नहीं हो जाती आप बिना किसी परेशानी के टीवी देखते रह सकते हैं। किसी भी उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है। टीवी बंद होने से पहले हर ग्राहक को पर्याप्त समय दिया जाएगा आैर उन्हें बिना बताए कनेक्शन बंद नहीं किया जाएगा।

हर सेवा प्रदाता को बनाना होगा कंज्यूमर काॅर्नर

नये नियम के तहत हर सेवा प्रदाता को ग्राहकों के लिए एक कंज्यूमर काॅर्नर बनाना होगा इस पर उन्हें चैनल के पैक, दरें, कस्टमर केयर नंबर, टोलफ्री नंबर, नोडल अधिकारी के नंबर सहित हर प्रकार की जानकारी देनी होगी। कस्टमर अपने सर्विस प्रोवाइडर की शिकायत पहले कस्टमर केयर पर करें। उन्हें उपभोक्ता की शिकायत पर 72 घंटों के भीतर एक्शन लेना होगा। ग्राहक संतुष्ट न हो तो वह नोडल अधिकारी को शिकायत कर सकता है, जो उसकी समस्या को 7 दिन में दूर करेंगे। फिर भी कस्टमर संतुष्ट न हो तो वह उसी कंप्लेन नंबर पर ट्रार्इ को शिकायत कर सकता है।

प्री पेड या पोस्ट पेड तय करेगा सर्वित प्रोवाइडर

ट्रार्इ के अनुसार, चैनल के भुगतान की व्यवस्था प्री पेड होगी या पोस्ट पेड यह पूरी तरह सर्विस प्रोवाडर पर निर्भर करेगा। यहां ट्रार्इ का रोल बस इतना ही है कि वह तय राशि से ज्यादा वसूल नहीं कर सकेगा। यदि एेसा है तो आप अपने सर्विस प्रोवाडर के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं।

छुट्टी पर जाएं तो बंद करवाएं टीवी, नहीं लगेगा पैसा

यदि आप छुट्टी पर जा रहे हैं तो कस्टमर केयर पर टीवी अस्थार्इ रूप से बंद करवा दें। तीन महीने तक की अविध के भीतर सेवा शुरू करवाते हैं तो आपको 25 रुपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा अवधि होने पर दोबारा टीवी शुरू करवाने का शुल्क 100 रुपये होगी।

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