बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ई रिक्शा वालों के विरुद्ध अधर में लटकी कार्रवाई

स्पेश न होने का हवाला देकर थानो ने खड़े किये हाथ

dhruva.shankar@inext.co.in

ALLAHABAD: शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे ई रिक्शा वालों के विरुद्ध कार्रवाई अधर में लटक गई है. डीएम सुहास एलवाई के निर्देश पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती कि उसके पहले ही एक अधिवक्ता की हत्या के बाद शहर के हालात की वजह से कार्रवाई स्थगित की गई लेकिन अब ऐसा पेंच फंस गया है कि रिक्शा को सीज करके खड़ा कहां पर किया जाए. क्योंकि किसी भी थाने में इतना स्पेस नहीं है कि एक साथ पचास या सौ ई रिक्शा को सीज करके खड़ा किया जा सके.

एक बार स्थगित, दोबारा के लिए इंतजार

डीएम के निर्देश पर पुलिस प्रशासन व आरटीओ विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दस मई से बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे ई रिक्शा वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी. उसी दिन जिला कचेहरी के अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसके बाद कानून व्यवस्था को देखते हुए आरटीओ विभाग ने चार दिनों के लिए कार्रवाई को स्थगित कर दिया था. दोबारा पंद्रह मई से कार्रवाई शुरू होनी थी लेकिन एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह व एआरटीओ प्रवर्तन के बीच हुई बैठक में कार्रवाई शुरू करने को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका था.

दस वाहन खड़ा करने की भी जगह नहीं

शहर के सभी थानों में पुराने वाहनों की भरमार है. एक भी थाना ऐसा नहीं है जहां पर एक साथ दस वाहन को सीज करके खड़ा किया जा सके. एआरटीओ प्रवर्तन रविकांत शुक्ला की मानें तो बिना रजिस्ट्रेशन के नौ हजार ई रिक्शा चल रहे हैं. एक साथ सौ रिक्शा को भी पकड़ा जाएगा तो उसे सुरक्षित किसी थाने में खड़ा नहीं किया जा सकता है. यहीं वजह है कि पुलिस प्रशासन व आरटीओ विभाग की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं शुरू हो सकी है.

facts

1000

ई-रिक्शा मालिकों ने आरटीओ में पिछले दो साल में कराया है रजिस्ट्रेशन.

9000

ई-रिक्शा ऐसे हैं जिनके मालिकों द्वारा रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है.

09

मई तक का दिया गया था समय डीएम द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए.

10

मई से व्यापक स्तर पर टीम गठित कर बिना रजिस्ट्रेशन के ई रिक्शा को सीधे सीज करने का निर्देश दिया गया था.

यह बात सही है कि किसी भी थाने में वाहनों को सीज करके खड़ा करने की जगह नहीं है. सभी थानों में वर्षो से पुराने वाहनों की भरमार है. इसके लिए अलग से जगह की तलाश करनी पड़ेगी. दो-तीन दिनों में आरटीओ के साथ बैठक करके इसके बारे में निर्णय लिया जाएगा.

कुलदीप सिंह, एसपी ट्रैफिक

नौ हजार ई रिक्शा बिना परमिट के दौड़ रहे हैं. इनके खिलाफ सीधे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी. दिक्कत यह है कि एक साथ पचास रिक्शा को सीज करते हैं तो उसे खड़ा कहां पर किया जाएगा. एसपी ट्रैफिक से इस संबंध में वार्ता की गई थी लेकिन थानों में स्पेस ही नहीं है. जहां सीज रिक्शा को खड़ा किया जा सके.

रविकांत शुक्ला,

एआरटीओ प्रवर्तन