-पुलिस कस्टडी से गायब सोनू को ह्यूमन राइट कमीशन ने माना है कस्टोडियल डेथ

BAREILLY: तीन साल पहले पुलिस कस्टडी से गायब सोनू वाल्मीकि के मामले की डीएम पिंकी जोवल ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. ह्यूमन राइट कमीशन ने सोनू के गायब होने को कस्टोडियल डेथ माना है. इस केस की जांच एडीएम एफआर करेंगे और दो महीने में ह्यूमन राइट कमीशन को जांच रिपोर्ट भेजनी होगी. सोनू को तत्कालीन जोगी नवादा चौकी इंचार्ज व वर्तमान सिरौली थाना प्रभारी गजेंद्र त्यागी व अन्य पुलिसकर्मियों को चोरी के आरोप में चौकी बुलाने और मारपीट कर गायब कर देने का आरोप लगा है. इस मामले में परिजनों ने तीन साल पहले कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन भी किया था.

चौकी में मारपीट का लगा है आरोप

एडीएम सिटी आलोक कुमार ने बताया कि ह्यूमन राइट कमीशन यूपी के सचिव ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को लेटर भेजा है कि बीसलपुर पीलीभीत निवासी शांति देवी ने 2 मार्च को शिकायत की थी कि उनका बेटा मनोज पत्‍‌नी नीलम के साथ दुर्गानगर में किराये पर रहते थे. उनके साथ में 16 वर्षीय छोटा बेटा सोनू भी रहता था. नीलम कुसुम बंगाली के घर में झाड़ू पोछा करती थी. कुसुम के घर चोरी हुई थी, जिसकी 21 अप्रैल 2014 को बारादरी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. कुसुम बंगाली, तत्कालीन चौकी इंचार्ज जोगी नवादा व अन्य पुलिसकर्मियों ने मनोज पर सोनू को चौकी में पेश करने का दबाव बनाया था. जिसके बाद चौकी में सोनू गया था, जहां उसकी जमकर पिटाई की गई थी. ह्यूमन राइट कमीशन ने सोनू के केस को कस्टोडियल डेथ मानते हुए डीएम को मजिस्टिरियल जांच कराकर दो माह में रिपोर्ट मांगी है.