JAMSHEDPUR: जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में शुक्रवार को दोपहर जमकर हंगामा हुआ। छात्रों के दल ने प्राचार्य कक्ष को अंदर से बंद कर दिया और सूचना फैला दी कि उन्होंने प्राचार्य को बंधक बना लिया है। इस दौरान प्रिंसिपल डॉ। वीके सिंह के खिलाफ छात्रों ने नारेबाजी की। चौकाने वाली बात यह है कि छात्रों ने इस घटना को जिस मांग के लिए अंजाम दिया वह मांग पूरी हो गयी थी। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन की वजह से करीब एक घंटे तक कॉलेज में अफरा-तफरी मची रही और कामकाज ठप रहा। मामले को बढ़ता देख प्राचार्य ने बिष्टुपुर थाने को खबर की। पुलिस के पहुंचने पर मामला सुलझा।

संशोधन की मांग करने लगे

11.30 बजे करीब 10 से 15 छात्र प्रिंसिपल कार्यालय पहुंचे और पीजी थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा में गलत अटेंडेंस चढ़ने की वजह से प्रमोट हुए छात्रों के परीक्षा परीक्षा में संशोधन की मांग करने लगे। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि इस पूरे मामले पर उनकी बात विवि से हो गयी है दोपहर तीन बजे संशोधित रिजल्ट कॉलेज प्राप्त हो जाएगा। इसके बावजूद छात्र तत्काल रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। कुछ छात्रों ने प्रिंसिपल के साथ हाथापाई की कोशिशि की। प्रिंसिपल डॉ। वीके सिंह ने भी उग्र तेवर दिखाए और जमकर डपटा। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में कमल अग्रवाल, एनएसयूआइ जिला अध्यक्ष रोज तिर्की, एनएसयूआइ जिला उपाध्यक्ष सरोज पात्रो, सुनील कुमार, नितेश कुमार, बरखा कुमारी, खुशी कुमारी एवं अन्य छात्र छात्राएं मौजूद थे।

यह है पूरा मामला

कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से करीब एक महीने पहले पीजी कामर्स थर्ड समेस्टर का परीक्षा परिणाम जारी किया। इसमें कई छात्र प्रमोट हुए। लेकिन छात्रों की समस्या तब बढ़ गयी जब विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन से यह जानकारी दी गयी कि सभी सेमेस्टर में पास नहीं होनेवाले छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खोजबीन में यह बात सामने आयी की आंतरिक परीक्षा में ये छात्र शामिल हुए थे। इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया। आंतरिक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करनेवाले छात्रों को कम अंक दिखा कर प्रोमोट कर दिया गया था। इससे छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित हो रहे थे।

पीजी कॉमर्स के कुछ छात्र थर्ड सेमेस्टर में अटेंडेंस मिसिंग की वजह से प्रमोट हो गए थे। उनकी शिकायत पर हमने विवि से बात की। अंटेंडेंस को सुधार कर विवि को भेजा गया इसके बाद विवि की ओर से सुधार कर छात्रों को उत्तीर्ण घोषित किया गया। विवि की ओर से इस संबंध में जानकारी दोपहर बाद कॉलेज को मिल चुकी है। हंगामा करने वाले छात्र नेता तुरंत संशोधित परिणाम चाहते थे जो संभव नहीं था।

- डॉ वीके सिंह, प्रिंसिपल

छात्रों को लगातार आश्वासन देकर उनकी मांगों को लटकाया जा रहा था। इस लिए हमने तुरंत रिजल्ट जारी करने की मांग की। लेकिन इसकी जगह प्रिंसिपल हमें धमकाने लगे। कॉलेज प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाकर हमें डराने की कोशिश की गयी।

-कमल अग्रवाल, छात्र नेता