कानपुर। हैदराबाद में महिला डाॅक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या करने वाले चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। एक ओर जहां देशभर हैदराबाद पुलिस इस कार्रवाई को लेकर तारीफें बटोर रही है, वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने उनको लेकर एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, 'प्रकाश कदम बनाम रामप्रसाद विश्वनाथ गुप्ता की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने यह माना कि फर्जी एनकाउंटर के मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। हैदराबाद 'एनकाउंटर' स्पष्ट रूप से फर्जी प्रतीत होता है।'


क्यों करते हैं गाली खाने का काम
बता दें कि मार्कंडेय काटजू आए दिन अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियां बटोरते हैं। इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर वह काफी ट्रोल हो रहे हैं। एक यूजर ने काटजू के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है, 'तुम काहे इस उम्र में गाली खाने वाली बातें करते हो।'


यूजर की प्रतिक्रिया
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है, 'कभी कभी आप बहुत पी लेते हैं।'


आप ही कर सकते हैं ऐसा काम
एक यूजर ने अपनी प्रक्रिया में लिखा है, 'ये काम चच्चा आपही कर सकते हैं।आखिर ऐसे ही कानून व्यवस्था से लोंगो का विश्वास नहीं उठा।इसमें आप जैसे महापुरुषों का बड़ा योगदान है।'


न्याय प्रणाली की विफलता
मनोज नाम के एक यूजर ने अपने जवाब में लिखा है, 'किस अदालत ने इस एनकाउंटर को फर्जी साबित किया? अपराधियों के प्रति इतनी सहानुभूति क्यों? न्याय प्रणाली की नपुंसकता इस तरह के काम होने के लिए जिम्मेदार नहीं है? न्यायिक व्यवस्था में न्याय नहीं करने और 45 दिन की गर्मी व 30 दिनों की सर्दियों की छुट्टियों का आनंद लेने वालों को सजा क्यों नहीं? भले ही यह 'फर्जी' हो लेकिन यह विश्वास की भावना पैदा करता है और हमारी बहनों के दिमाग से डर को निकालता है और संभावित बलात्कारियों में भय पैदा करता है। "निर्भया" के साथ 2012 में किए गए अपराध के लिए 2020 में फांसी अपराधियों को रोक देगी या प्रोत्साहित करेगी?

Posted By: Mukul Kumar

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