कानपुर। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्डकप 2019 का फाइनल मुकाबला रविवार को इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड के बीच खेला गया। इस मैच में कीवी कप्तान केन विलियमसन ने पहले खेलते हुए निर्धारित ओवर में 241 रन बनाए। जवाब में इंग्लिश टीम ने भी इतने रन बनाकर मैच टाई कराया। इसके बाद जीत-हार का फैसला सुपर ओवर के जरिए किया गया, जिसमें दोनों टीमों ने फिर से बराबर 15-15 रन बनाए। अंत में इंग्लैंड को बाउंड्री ज्यादा लगाने के चलते विजेता घोषित कर दिया गया।
icc world cup 2019 : अंपायरों से हुई गलती,क्रिकेट के नियम के मुताबिक न्यूजीलैंड को बनना चाहिए था चैंपियन
इंग्लैंड को एक रन अतिरिक्त मिला
इस मैच को बारीकी से देखा जाए तो खिताबी मुकाबला सुपर ओवर तक जाना ही नहीं चाहिए था। दरअसल बेन स्टोक्स को रन आउट करने के चक्कर में कीवी टीम ने ओवर थ्रो से जो चौका दिया था, उसमें अंपायरों को छह रन के बजाए पांच रन देने चाहिए थे। इंग्लैंड को 50वें ओवर की आखिरी 3 गेंदों में 9 रन बनाने के। उस वक्त गेंद कीवी गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के हाथों में थी और स्ट्राक पर बेन स्टोक्स थे। ओवर की चौथी गेंद पर स्टोक्स ने मिड विकेट की तरफ एक शाॅट मारा और रन लेने दौड़ पड़े। पहला रन पूरा करने के बाद स्टोक्स दूसरे के लिए भागे और जब तक क्रीज तक पहुंचते डीप मिड विकेट पर फील्डिंग कर रहे गप्टिल ने स्टंप को निशाना लगाकर थ्रो फेंका, हालांकि स्टंप के सामने स्टोक्स आ गए, चूंकि वह डाइव लगा रहे थे तो गेंद स्टंप से पहले उनके बल्ले से टकराई और बाउंड्री लाइन पर चली गई। जिसके बाद अंपायरों ने बाउंड्री के 4 रन और भागकर 2 रन, इनको मिलाकर इंग्लैंड को 6 रन दे दिए।
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क्या कहता है आईसीसी का नियम
क्रिकेट के नियम के मुताबिक, ओवर थ्रो पर दूसरा रन नहीं गिना जाता है, यानी कि इंग्लिश बल्लेबाजों ने दौड़कर जो 2 रन लिए थे, असल में वह एक रन माना जाना चाहिए था औश्र बाउंड्री पर गेंद गई तो उसके 4 रन। कुल मिलाकर इंग्लैंड को 6 नहीं 5 रन मिलने चाहिए थे। आईसीसी नियम 19.8 के मुताबिक, 'अगर गेंद ओवरथ्रो पर बाउंड्री पार चली जाए (चाहे वह गैरइरादतन बल्ले से ही क्यों न लगी हो) तो ओवरथ्रो से पहले लिए गए रनों में बाउंड्री के चार रन जुड़ जाएंगे। रन लेते समय रन का फायदा तभी मिलता है, जब बल्लेबाज ने थ्रो से पहले रन पूरा कर लिया हो या फिर थ्रो से पहले ही दोनों बल्लेबाज क्रॉस कर जाते हैं तभी उनको इसका फायदा मिलेगा।' अब मैच पर नजर डालें तो, जब गप्टिल ने थ्रो फेंका, तब बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने दूसरे रन के लिए एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। इस तरह इंग्लैंड को जहां दो रन मिले, वहां सिर्फ एक रन ही होना चाहिए था।

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साइमन टाॅफेल भी मानते हैं इसे बड़ी चूक

इस बात को 5 बार आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर रहे साइमन टाॅफेल भी मानते हैं। टाॅफेल का कहना है, 'इंग्लैंड को पांच रन दिए जाने चाहिए थे, यह एक बड़ी गलती है। अंपायरों से निर्णय लेने में बड़ी चूक हुई। उन्होंने (अंपायरों) सोचा कि थ्रो के समय बल्लेबाज के पास क्राॅस होने का पूरा समय था, जबकि ऐसा नहीं था।'

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