नई दिल्ली (पीटीआई)। Coronavirus देश में कोरोना वायरस के पीड़ितों की संख्या 250 पार कर गई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) इसके प्रसार को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। उसने शनिवार को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपनी टेस्टिंग स्ट्रैटजी में भी बदलाव किया है। आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब अस्पतालों में भर्ती सांस की तकलीफ और बुखार और खांसी के सभी मरीजों का कोरोना वायरस टेस्ट किया जाएगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के दिशानिर्देशों के मुताबिक कोरोना वायरस पाॅजिटिव मरीजों के किसी भी तरह से संपर्क में आने वालों को भी 5 और दिन 14 के बीच में एक बार टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए। उन्हें अपने लक्षण दिखने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

आईसीएमआर की टेस्टिंग स्ट्रैटजी में बदलाव

आईसीएमआर ने इस सप्ताह देश में कोरोना वायरस मामलों को लेकर अपनी टेस्टिंग स्ट्रैटजी में तेजी से बदलाव किया है। उसका उद्देश्य देश में कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करना है। भारत में अब तक COVID-19 के ज्यादातर जो मामले मामले सामने आए हैं वो या तो विदेश यात्रा से लाैटे लोगों से जुड़े हैं या फिर उनके संपर्क में आने वालों के हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च लोगों से लगताार आइसोलेशन को लेकर बनी गाइडलाइन्स का पालन करने की अपील कर रहा है।

मरीजों की संख्या में शनिवार को 258 पहुंच गई

देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में शनिवार को 258 पहुंच गई है। इसमें 39 विदेशी भी शामिल हैै। इसमें 17 नागरिक इटली के हैं, 3फिलीपींस के, 2 ब्रिटेन के, एक-एक कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर के हैं। अब तक के कुल आंकड़ों में दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब और महाराष्ट्र से चार मौतें भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में कुल सक्रिय COVID-19 मामलों की संख्या अब तक 231 है। इसके अलावा 23 अन्य लोग ठीक हुए, जबकि चार की मृत्यु हो गई है।

Posted By: Shweta Mishra

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