लखनऊ (पंकज अवस्थी) : अगर अगले 15 दिनों में आपने अपने वाहन में फास्ट टैग नहीं लगाया और फास्ट टैग लेन में दाखिल हो गए तो दोगुना टोल टैक्स देने को तैयार रहिये। आगामी एक दिसंबर से टोल प्लाजा में अब एक लेन छोड़कर सभी लेन फास्ट टैग लगे वाहनों को पास देंगी। यानी कैश पेमेंट करने वाले वाहन चालकों को अब टोल पर लंबा इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें जल्दी है तो वे फास्ट टैग लेन से दोगुना चार्ज देकर पास ले सकते हैं। एनएचएआई के आदेश पर सभी टोल प्लाजा में इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

बिना देरी पार करेंगे टोल प्लाजा
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आदेश जारी किया है कि हाइवे पर चलने वाले सभी वाहनों को आगामी एक दिसंबर से फास्ट टैग चिप लगाना अनिवार्य होगा। इसके तहत सभी प्राइवेट व्हीकल्स मसलन कार, जीप या एसयूवी के साथ ही सभी प्रकार के भार वाहनों को फास्ट टैग चिप लगाना आवश्यक होगा। इसके तहत सभी वाहन मालिकों को अपने वाहनों का फास्ट टैग के लिये रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद मिले फास्ट टैग को वाहनों के विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। टोल प्लाजा पर फास्ट टैग वाहनों को सेंसर लगे लेन से गुजारा जाएगा।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

फास्ट टैग के लिये आवेदन दो तरह से किया जा सकता है। इसके तहत टोल प्लाजा पर विभिन्न बैंक फास्ट टैग रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, जिसके तहत व्हीकल ओनर टोल प्लाजा पर जरूरी दस्तावेज ले जाकर अपना फास्ट टैग ले सकते हैं। इसके अलावा सभी नेशनलाइज्ड व प्राइवेट बैंक भी फास्ट टैग रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। इन बैंकों की वेबसाइट पर जाकर उन बैंकों के अकाउंट होल्डर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आपको दस्तावेज वेरीफाई कराने और फास्ट टैग लेने के लिये बैंक ही जाना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान ही आपका फास्ट टैग प्रीपेड अकाउंट खोल दिया जाता है। जिसमें आप अपनी सुविधानुसार अमांउट नेट बैंकिंग, आरटीजीएस, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रीचार्ज कर सकते हैं। कई बैंक फास्ट टैग को वाहन मालिक के सेविंग अकाउंट से भी लिंक कर रहे हैं।

क्या होता है फास्ट टैग

फास्ट टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। जिसे नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करता है। यह प्रीपेड या बचत खाते से सीधे लिंक किया जाता है। इसके तहत रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद वाहन मालिक को एक चिप दी जाती है, जिसे वह अपने वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाता है। टोल प्लाजा की फास्ट टैग लेन में दाखिल होते ही सेंसर उस चिप को रीड कर टोल का पैसा खुद-ब-खुद डिडक्ट कर लेते हैं। जिससे वाहनों को टोल गेट पर इंतजार नहीं करना पड़ता और वह बिना रुके टोल प्लाजा को पार कर जाता है। कई बैंक व पेटीएम फास्ट टैग के जरिए टोल भुगतान करने पर 2.5 परसेंट से 7.5 परसेंट तक कैश बैक भी दे रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन के लिये यह दस्तावेज जरूरी

- वाहन की ओरिजनल आरसी

- वाहन मालिक की एक पासपोर्ट साइज फोटो

- केवाईसी का कोई दस्तावेज (पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि)

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Posted By: Inextlive