- आईआईआईटी की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर चीफ गेस्ट के तौर पूर्व केंद्रीय मंत्री डा। मुरली मनोहर जोशी ने की शिरकत

pryagraj: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईआईटी के फाउंडेशन के 20 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को संस्थान के मुख्य प्रेक्षागृह में भव्य प्रोग्राम आर्गनाइज किया गया। इस अवसर पर चीफ गेस्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री डा। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि हार्डवेयर के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। वहीं कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बिखरी पड़ी लगभग चार करोड़ पुरानी असाधारण पांडुलिपियां हैं, जिन्हें भविष्य की पीढ़ी के लिए एकत्र और डिजिटाइज़ किया जाना आवश्यक है।

आईआईआईटी ने किया सम्मानित

पद्म विभूषण से सम्मानित डा। मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री को झलवा परिसर के मुख्य सभागार में उनके द्वारा इलाहाबाद में आईआईआईटी स्थापित करने की महत्वपूर्ण योगदान के लिए एक भव्य समारोह में सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि डा। जोशी ने अटल बिहारी की सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए प्रयागराज में वर्ष 1998-99 में आईआईआईटी का शिलान्यास किया एवं बाद में झलवा परिसर का भी इनॉगुरेशन उनके द्वारा किया गया था।

जारी किया गया स्पेशल डाक टिकट

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईआईटी के फाउंडेशन और राष्ट्र सेवा के 20 वर्ष पूर्ण होने पर 'बियांड 20-20' और 21वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर शनिवार को संस्थान के मुख्य प्रेक्षागृह में भव्य प्रोग्राम आर्गनाइज किया गया। चीफ गेस्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो। मुरली मनोहर जोशी, एआइसीटीई के पूर्व अध्यक्ष स्व। प्रो। एस। रामगौड़ा की पत्‍‌नी सुशीला रामेगौड़ा रहीं। इस अवसर पर स्पेशल डाक कवर जारी किया गया।

डा। जोशी ने किया मुक्तागन का इनॉगुरेशन

पूर्व केंद्रीय मंत्री डा। एमएम जोशी ने आईआईआईटी के दीक्षांत मैदान में बने नव निर्मित मुक्तागन का इनॉगुरेशन किया। इस मुक्तागन को डा। मुरली मनोहर जोशी मुक्तागन के नाम से ही जाना जायेगा। इसमें स्टूडेंट्स और अन्य संबंधितों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं जैसे विशेष बेंच, वाई-फाई, सोलर लाइट, खुला मंच और क्लॉक टॉवर उपलब्ध रहेंगे।

रिंग रोड स्व। रामगौड़ा को समर्पित

आईआईआईटी परिसर की रिंग रोड का नाम स्वर्गीय राम गौड़ा के नाम से किया गया। स्व। गौड़ा की पत्‍‌नी श्रीमती सुशीला ने इसका इनॉगुरेशन किया। उल्लेखनीय है कि स्व.राम गौडा अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा गठित आईटी के लिए राष्ट्रीय कार्य बल के अध्यक्ष थे। देश में आईआईआईटी की स्थापना उनकी सिफारिशों के बाद हुई।

प्रो। एमजी मेनन के नाम से जाना जाएगा मुख्यद्वार-2

संस्थान का मुख्यद्वार-2 दिवंगत प्रो एमजी के मेनन को समर्पित किया गया। स्वर्गीय प्रो एम जी के मेनन ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के रूप में ट्रिपलआईटी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं मुख्यद्वार-1 का को प्रो। एआर वर्मा को समर्पित किया गया। इसका उद्घाटन भी किया गया। श्री वर्मा का आईआईआईटी की शुरुआत में महत्वपूर्ण योगदान था।

इनको भी किया गया सम्मानित

श्रीमती सुशीला रामगौड़ा, पत्‍‌नी स्वर्गीय प्रो एस राम गौड़ा, पूर्व अध्यक्ष, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन को उनके पति के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अकादमिक काउंसिल के तत्कालीन अध्यक्ष प्रो। एके गुप्ता को भी इस अवसर पर सम्मानित किये गये। आईआईआईटी-ए के निदेशक प्रो पी नागभूषण ने अतिथि का स्वागत किया।

आज सेमिनार में होंगे शामिल

डा। एमएम जोशी रविवार को झलवा परिसर में 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स' के 34 वें राष्ट्रीय वार्षिक कन्वेंशन-2019 और भौतिक विज्ञान शिक्षण और अनुसंधान में हालिया प्रगति और नवाचार पर सेमिनार का इनॉगुरेशन करेंगे। कोआर्डिनेटर डा। अखिलेश तिवारी ने बताया कि देशभर के सैकड़ों भौतिकी के शिक्षक हिस्सा लेंगे।

Posted By: Inextlive

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