-डीजे आई नेक्स्ट ने महज 150 रुपए में बनवाया एसएसपी के वाहन का नंबर प्लेट

PATNA(10Nov) : राजधानी में फर्जी तरीके से नंबर प्लेट खेल खुलेआम चल रहा है। पुलिस के नाक के नीचे ये कारोबार चल रहा है। इसी का नतीजा है कि अपराधी और गैरकानूनी काम करने वाले बड़े आरश्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य ह्लश्रस्त्रड्ड4, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य द्यद्ब1द्ग, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य द्धद्गड्डस्त्रद्यद्बठ्ठद्गह्य, श्चड्डह्लठ्ठड्ड द्यड्डह्लद्गह्यह्ल ठ्ठद्ग2ह्य ह्वश्चस्त्रड्डह्लद्ग, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य श्चड्डश्चद्गह्म ह्लश्रस्त्रड्ड4, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ठ्ठद्ग2ह्य द्यद्ब1द्गह्लश्रस्त्रड्ड4, श्चड्डह्लठ्ठड्ड ष्द्बह्ल4 ठ्ठद्ग2ह्य

ाम से फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर खुलेआम अपराध करते हैं और पुलिस उसके पीछे यहां-वहां भागती रहती है। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट वाहन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। शहर के भट्टाचार्या रोड पर खुलेआम बिना लाइसेंस के नंबर प्लेट का धंधा चल रहा है। ये लोग बिना किसी जांच-पड़ताल के आईजी से लेकर एसएसपी तक के नंबर प्लेट बना दे रहे हैं। डीजे आई नेक्स्ट के रिपोर्टर जब भट्टाचार्य रोड स्थित नंबर प्लेट दुकानों पर जाकर पटना एसएसपी के वाहन नंबर बीआर-01 पीएच-7034 नंबर दिखाया और बनाने के लिए बोला तो सभी लोग तैयार हो गए। उन्होंने बिना किसी पेपर और जानकारी के महज 150 रुपये में नंबर प्लेट बनाकर दे भी दिया।

हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट में चल रहा है खेल

शासन द्वारा 1 अप्रैल से हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाने का आदेश दिया गया है। इसके बाद भी अभी नंबर प्लेट दुकानों पर बिना हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाने का खेल चल रहा है। इसके साथ हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट का डुप्लीकेट भी बन रहा है। इसमें एक बार कोड बनाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी नंबर अंकित किया जा रहा है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब दुकान पर पूछा कि इस फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस नहीं पकड़ेगी तो उसने कहा कि 100 फीसदी गारंटी दे रहा हूं।

महज 1200 से 1 हजार में नंबर प्लेट बनाने का दावा

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब भट्टाचार्य रोड पर एक दुकानदार से हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगावाने का रेट पूछा तो उसने 1200 रुपए से 1 हजार तक दम बताया। इसके साथ नॉर्मल नंबर प्लेट का रेट 900 रुपए से लेकर 200 रुपए तक है। हैरानी की बात ये है कि रोड पर ये लोग खुलेआम नंबर प्लेट बेच रहे हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है।

महज 20 मिनट में मिल जाता है नंबर प्लेट

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब पटना एसएसपी के वाहन का नंबर बनाने के लिए दिया तो दुकानदार ने कहा कि महज 20 मिनट में नंबर प्लेट बन जाएगा। इसके बाद दुकानदार ने एक सादे कागज पर गाड़ी का नंबर नोट किया। उसने कोई दस्तावेज नहीं मांगा और वो सीधे चला गया। इसके बाद वो महज 15 मिनट में ही नंबर लाकर दे दिया और बोला कि किसी को मत बताइएगा कि 150 में नंबर प्लेट मैंने बनाया है।

100 फीसदी गारंटी, पुलिस नहीं पकड़ पाएगी

रिपोर्टर : गाड़ी में हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगवाना है।

दुकानदार : हां लग जाएगा।

रिपोर्टर : कितना रुपया लगेगा।

दुकानदार : 1200 रुपए लगेगा।

रिपोर्टर : कुछ कम नहीं करेंगे।

दुकानदार : चलिए आपके लिए 200 रुपए कम कर दिया।

रिपोर्टर : ये असली वाला नंबर प्लेट है

दुकानदार : क्या बात कर रहे हैं। ये सिक्यूरिटी नंबर प्लेट का टू-कॉपी रहेगा।

रिपोर्टर : फिर तो पुलिस पकड़ लेगी, मुझे नहीं लगवाना

दुकानदार : अरे भाई साहब 100 फीसदी गारंटी है। कोई हाथ नहीं लगाएगा।

रिपोर्टर : सिक्यूरिटी नंबर प्लेट में तो बार कोड होता है और एक नंबर होता है। इसमें कैसे होगा।

दुकानदार : इसमें सब रहेगा। पुलिस कभी नहीं पकड़ पाएगी।

क्या कहता है नियम

वाहन पर नंबर प्लेट लगाने का नियम एक अप्रैल से बदल गया है। अब नियम ये है कि एजेंसी से हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाकर गाड़ी रोड पर आएगी। वहीं रोड पर जो भी दुकान खोलकर बैठे हैं वो लोग नंबर प्लेट लगाने का अधिकार नहीं रखते।

वर्जन

ये काफी गंभीर मामला है। अगर बिना जांच किए हुए नंबर बनाए जा रहे हैं तो ये गलत और गैरकानूनी है। जिन लोगों के पास लाइसेंस नहीं है। इनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

गरिमा मलिक, एसएसपी पटना

पटना एसएसपी का फर्जी नंबर प्लेट बन जाना बहुत चौकाता है। जो लोग भी रोड पर नंबर प्लेट लगा रहे हैं। वो पुरी तरह से अवैध है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई

अजय ठाकुर, डीटीओ पटना

फर्जी नंबर प्लेट से हो रहे अपराध

1. जून 2019 को आशियाना-दीघा मार्ग पर मौजूद पंचवटी रत्‍‌नालय ज्वेलरी शॉप में पांच करोड़ की ज्वेलरी और 13 लाख कैश की डकैती हुई थी। इस मामले में पुलिस ने जब पड़ताल किया तो पता ये चला था कि बदमाशों ने गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

2. राजीव नगर पुलिस ने जून में नाले के पास एक अज्ञात बाइक बरामद की थी। सफेद रंग की अपाची बाइक बिल्कुल नयी लग रही है लेकिन, बाइक के नंबरप्लेट पर जो नंबर लिखा गया है वह फर्जी है। पुलिस की जांच में अपाची का नंबर रॉयल इनफिल्ड बुलेट का निकला है। यह नंबर पटना के ही रहने वाले सूरज कुमार के नाम से रजिस्टर्ड है। अभी तक पुलिस इस बाइक के बारे में जांच कर रही है।

3. मनेर पुलिस ने जून 2019 में

गाडिय़ों के नंबर बदलकर शराब का धंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जब इनकी कार की तलाशी ली तो उसमें अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस इनपर शक न करे इसके लिए शहर बदलते ही गाड़ी की नंबर प्लेट भी बदल देते थे।

Posted By: Inextlive

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