मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम सात मैचों की सिरीज़ में 2-1 से बढ़त बनाए हुए है.

इस सिरीज़ से पहले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जॉर्ज बेली ने कहा था कि एकदिवसीय क्रिकेट में दोबारा नम्बर एक बनने के लिए भारत को इस सिरीज़ में 6-1 के अंतर से हराना नामुमकिन है.

अब अगर ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ के बाकि बचे तीनों मैच जीत भी ले तो भी वह नम्बर दो पर ही रहेगी.

वैसे कटक से भी समाचार कोई बहुत अच्छा नहीं है क्योंकि वहां पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है.

यहां तक कि मैदान की हालत भी कोई बहुत बेहतर नहीं है. ऐसे में कटक में भी क्रिकेट प्रमियों के हाथ निराशा लग सकती है.

प्रदर्शन

कटक वनडे पर भी बारिश का सायाअब अगर दोनों टीमों के प्रदर्शन की बात की जाए तो रांची में भारतीय बल्लेबाज़ों को अपने हाथ दिखाने का अधिक अवसर नहीं मिला.

इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी रांची में भी जमकर चली. भले ही शुरूआती जोड़ी एरोन फिंच और फिल हयूज़ के साथ-साथ शेन वॉटसन टीम में वापसी कर रहे शमी अहमद का जल्दी ही शिकार बन गए, लेकिन कप्तान जॉर्ज बेली और ग्लेन मैक्सवेल का कहर एक बार फिर भारतीय गेंदबाज़ों पर बरपा.

दोनों बल्लेबाज़ अपने अपने व्यक्तिगत शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने भारतीय गेंदबाज़ी की कलई एक बार फिर खोल दी और साबित कर दिया कि इस गेंदबाज़ी में कोई दम नहीं है.

एक समय 200 रन तक भी ना पहुंचती दिखाई देने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आखिरकार 8 विकेट पर 295 रन बना लिए.

भारत के कई हिस्सों में इन दिनों शाम को ओस गिरती है और दूसरी पारी में गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण करने में दिक्कत आती है. लेकिन भारत की फील्डिंग का स्तर इतना गिर जाएगा यह भी किसी ने नहीं सोचा था.

विराट कोहली, सुरेश रैना और युवराज सिंह जैसे शानदार क्षेत्ररक्षकों ने कैच छोड़े तो ख़ुद कप्तान धोनी से भी एक आसान कैच छूटा.

वैसे कुल मिलाकर भारतीय खिलाडियों ने छह कैच छोड़े. यानी अब खराब फील्डिंग धोनी का नया सिरदर्द है.

अंतिम ओवर में रन लुटाने का सिलसिला अभी भी जारी है. यहां तक कि जेम्स फॉक्नर और मिचेल जानसन ने भी अपने हाथ खोलते हुए जमकर रन बनाए.

अब रन तो खैर भारतीय बल्लेबाज़ भी बना रहे हैं, लेकिन गेंदबाज़ी को लेकर कप्तान धोनी क्या करें.

खिलाड़ियों का चयन
कटक वनडे पर भी बारिश का सायाजैसे-तैसे कड़ी आलोचनाओं के बाद धोनी ने ईशांत शर्मा की जगह मोहम्मद शमी को टीम में शामिल किया, लेकिन बहुत से लोग सवाल उठा रहे हैं कि भुवनेश्वर कुमार का क्या कसूर था. इसके अलावा सवाल ये भी है क्या लेग स्पिनर अमित मिश्रा केवल टूरिस्ट बन कर रह जाएंगे ?

इससे पहले भी वह इंगलैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी और वेस्ट इंडीज़ में खेली गई त्रिकोणीय सिरीज़ में भारतीय दल का हिस्सा बनकर रह गए थे.

इससे पहले भी आर अश्विन और सुरेश रैना के चयन पर कई बार सवाल उठते रहे हैं. अपने 'अजीबोग़रीब' फैसले लेने के लिए मशहूर धोनी जब तक टीम को जीत दिलाते रहते हैं तब तक सब ठीक-ठाक रहता है और जैसे ही टीम हारती है उनके फैसलों पर उँगलियाँ उठनी शुरु हो जाती हैं.

ऐसे में अब पहले तो उम्मीद करनी चाहिए कि कटक में भी बारिश की मार ना हो और मौसम ठीक हो जाए और उसके बाद भारतीय टीम दुआ करेगी कि गेंदबाज़ी की गाड़ी पटरी पर आ जाए.

इसके अलावा अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या भारत इस सिरीज़ को ऑस्ट्रेलिया से जीत भी पाएगा या नहीं क्योंकि अगर कटक में बादल बरसते रहे तो बाकी बचे दोनों मैच भारत को जीतने पडेंगे.

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